मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हालात कुछ हद तक सुखद होने के बावजूद राज्य किसी तरह की ढील बरतने की स्थिति में नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभागों को कोविड स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित बुनियादी ढांचा और सुविधाओं को मज़बूत रखने का आदेश दिया, ताकि महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटा जा सके।
उन्होंने इन विभागों को बच्चों के स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाएं बढ़ाने और भारत सरकार से बच्चों के प्रयोग में आने वाले 500 पेडियाट्रिक वेंटिलेटरों की मांग करने को कहा। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री केयर फंड के अंतर्गत मिले 809 वेंटिलेटर बांट दिए गए हैं और इनमें से 136 काम नहीं कर रहे।
मुख्यमंत्री ने संभावित तीसरी लहर से जुड़ी मांग की पूर्ति के लिए तकनीकी और विशेषज्ञों के अन्य पद सृजन करने का भी निर्देश दिया है। डॉ. राज बहादुर ने बैठक के दौरान बताया कि डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती लगभग पूरी है जबकि अस्थायी अस्पतालों के लिए साजो-सामान खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।
अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग घटी
राज्य में ऑक्सीजन की स्थिति सुखद होने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि जरूरी गैर-चिकित्सा मंतव्यों के लिए भी अब ऑक्सीजन इस्तेमाल करने की इजाज़त होगी, हालांकि मेडिकल ऑक्सीजन का तीन दिन का स्टॉक हर समय बरकरार रखना होगा। उन्होंने संतोष जताया कि मरीजों को डॉक्टर के कहने पर मुहैया करवाने के लिए अब प्रत्येक जिले में ऑक्सीजन कंसनट्रेटर बैंक मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में ऑक्सीजन की मांग 304 मीट्रिक टन से कम होकर 236 मीट्रिक टन पर आ गई है।