पंजाब सरकार ने राज्य में संपूर्ण औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 26 विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उद्योग सलाहकार आयोग का गठन किया है। प्रत्येक उद्योग सलाहकार आयोग के लिए राज्य सरकार की ओर से नियुक्त किए जाने वाले चेयरमैन को कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जा दिया जाएगा।
इस संबंध में उद्योग एवं कॉमर्स विभाग के नीति कार्यान्वयन यूनिट की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 26 विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों के विकास के लिए औद्योगिक सलाहकार आयोग का गठन किया जा रहा है। प्रत्येक उद्योग सलाहकार आयोग की अगुवाई संबंधित उद्योग से जुड़ा प्रसिद्ध व्यक्ति करेगा, जो संबंधित उद्योग का प्रतिनिधित्व करेगा।
नोटिफिकेशन के अनुसार औद्योगिक सलाहकार आयोग के गठन का उद्देश्य, राज्य में कारोबारी माहौल को और अधिक अनुकूल और मैत्रीपूर्ण बनाना और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आने वाली दिक्कतों को दूर करना है। प्रत्येक उद्योग से संबंधित आयोग, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में तेजी लाने के लिए कुशल जनशक्ति की उपलब्धता को यकीनी बनाएगा।
इसके अलावा, राज्य में व्यापार करने में अवसरों को और सुलभ बनाने, सस्ती बिजली प्रदान करने सहित उद्योग के लिए शीर्ष श्रेणी के बुनियादी ढांचे का विकास करना, स्टार्ट-अप और उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करते हुए एमएसएमई के विकास में तेजी लाना और संस्थागत क्षमता का निर्माण करने के साथ-साथ राज्य के कार्यक्रमों व केंद्रीय योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल सहित संस्थागत संबंधों को बढ़ावा देने का जिम्मा भी आयोग के पास होगा।
जिन 26 क्षेत्रों के लिए औद्योगिक सलाहकार आयोग के गठन का फैसला लिया गया है, वे हैं- टेक्सटाइल उद्योग (इसके तहत कॉटन जिनिंग, स्पिनिंग, वीविंग, परिधान, टेक्निकल टेक्सटाइल, डाइंग और फिनिशिंग इकाइयां); मशीन टूल्स (हैंड टूल्स और पावर टूल्स भी); खेल का सामान (लेदर सामान और फिटनेस उपकरण भी); कृषि व खाद्य प्रसंस्करण (दुग्ध उत्पाद भी); राइस मिलिंग और प्रसंस्करण; साइकिल और साइकिल पार्ट्स, इलेक्ट्रोप्लेटिंग, ई-बाइक और सिलाई मशीनें; कृषि मशीनरी और उपकरण; फार्मास्युटिकल (लाइफ साइंसेस एंड बायो-टेक्नोलॉजी भी शामिल); अलॉय एंड स्टील और मैटल उत्पाद; ऑटो एंड ऑटो उपकरण (इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल); इलेक्ट्राॅनिक्स (ईएसडीएम) और इलेक्ट्रीकल उपकरण; सूचना तकनीकी/सूचना तकनीकी से संबंधित सेवाएं; कागज और कागज आधारित पैकेजिंग इकाइयां; प्लाइवुड और लकड़ी से बनने वाले उत्पाद; होटल और आतिथ्य; प्लास्टिक और केमिकल उत्पाद; लॉजिस्टिक्स; निर्माण सामग्री; रिटेल और सेवा उद्योग; हेल्थ केयर; पर्यटन; मीडिया और मनोरंजन; प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग; मेडिकल टूरिज्म; वायर ड्राइंग एंड फास्टनर्स; रियल इस्टेट।