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पंजाब सरकार का एलान, पेंशनरों के लिए राशन कार्ड की जगह आधार कार्ड जरूरी

Sun, 07 May 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Punjab Cabinate meeting - फोटो : File Photo
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पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुनावी वादे को अमलीजामा पहनाते हुए पेंशन में बढ़ोतरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कई मापदंडों को मंजूरी दी है, ताकि लाभ सिर्फ योग्य व्यक्ति ही हासिल कर सकें।
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सीएम ने समाज भलाई विभाग को मौजूदा लाभार्थियों का सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। विभागीय बैठक की प्रधानगी करते हुए सीएम ने नया फार्म और नए मापदंड लागू करने की हिदायत दी। जोकि मौजूदा पेंशनरों समेत सभी को भरना होगा। इसका मकसद पेंशनरों को नंबरदारों और सरपंचों के मकड़जाल से मुक्त करना है। यह भी फैसला लिया गया कि पेंशन सूची की समीक्षा पूरी होने तक सभी लाभार्थियों को पेंशन मिलती रहेगी। ये अप्रैल-17 से पेंशन पाते रहेंगे, इन्हें जून-17 में नया फार्म भरना होगा। 

डीसी, एसडीएम और डीएसएस पांच प्रतिशत लाभार्थियों की रैंडम चेकिंग करेंगे। आवेदकों के दस्तावेजों के तौर पर राशन कार्ड की जगह आधार जरूरी होगा। जमीन की मालिकी भी सत्यापित करनी जरूरी होगी। इसे पटवारी की ओर से दोबारा सत्यापित किया जाएगा। शहरों में पार्षद सत्यापन करेंगे। समाज भलाई विभाग आवेदकों के फार्म लेगा, एक माह में उन्हें बता दिया जाएगा कि उनका फार्म मंजूर हुआ या रद्द।
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गलत ढंग से किसी को लाभार्थी बनाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि पिछली सरकार ने वोटों की खातिर गलत लोगों को लाभार्थी बना दिया, योग्य लोगों को लाभ नहीं दिया। बैठक में वित्तमंत्री मनप्रीत बादल, समाज भलाई मंत्री रजिया सुल्ताना, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह भी मौजूद थे।
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पंजाब टूरिज्म हब बनेगा

नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : File Photo
पंजाब के विश्वस्तरीय विरासती स्थलों को विश्व विरासत में शामिल कराने को यूनेस्को से संपर्क किया जाएगा। यूनेस्को और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की मदद से राज्य को टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यह फैसला पर्यटन मंत्री नवजोत सिद्धू की प्रधानगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।

सिद्धू ने कहा कि पंजाब को पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने को व्यापक योजना तैयार की जा रही है। यहां के कई विरासती स्थल विश्वस्तरीय हैं, उन्हें विश्व विरासत में शामिल कराया जाएगा। पुरातत्व विभाग से तालमेल कर यहां के विरासती स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पंजाब के धार्मिक स्थलों के दर्शन को दुनिया भर से श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने से राज्य की आर्थिकता को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि विरासती स्थलों के वास्तविक रूप को बरकरार रखा जाए, इससे खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। 

उन्होंने कहा कि नौजवानों को अमीर विरसे से जोड़ने को वेब टीवी की मदद ली जाएगी। सिद्धू ने कहा कि अमृतसर में रोजाना सवा लाख सैलानी आते हैं, जो दरबार साहिब के दर्शन कर उसी दिन लौट जाते हैं। जबकि, अमृतसर में ही दुर्ग्याणा मंदिर, जलियांवाला बाग, वार मेमोरियल, वाघा बॉर्डर, गोबिंदगढ़ किला, भगवान वाल्मीकि तीर्थस्थल हैं। सैलानियों को सुविधाएं देकर उनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। घरेलू हवाई अड्डों द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा सकता है। पठानकोट हवाई अड्डा चालू होने से रणजीत सागर डैम को एडवेंचर स्पोर्ट्स केतौर पर विकसित किया जा सकता है। सिख धर्म के तीनों तख्त साहिबान को एक सर्किट में जोड़ा जा सकता है। सिद्धू ने कहा कि यादगारों को आत्मनिर्भर बनाने को आय के सोर्स पैदा किए जाएं ताकि इनका संरक्षण होता रहे। बैठक में प्रधान सचिव जसपाल सिंह, डायरेक्टर डॉ. एनपीएस रंधावा, डॉ. अमर सिंह भी मौजूद थे।
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