पंजाब में मेयरों पर आखिरकार सरकार मेहरबान हो गई है। राज्य सरकार ने विभिन्न अधिकारियों और नेताओं को उनके रुतबे के हिसाब से बनता सम्मान देने संबंधी केंद्रीय अधिसूचना में संशोधन कर लिया है। लंबे समय से मेयर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से शिकायत कर रहे थे कि उन्हें कहीं कोई तरजीह नहीं दी जाती। अब मेयरों को आर्डर आफ प्रिसीडेंस (वरीयता क्रम) में शामिल कर लिया गया है।
इसके तहत अब पंजाब में मेयर का रुतबा संबंधित जिले के डीसी (डिप्टी कमिश्नर) से भी ऊपर होगा। यानि राजकीय कार्यक्रमों और समारोहों में डीसी से ज्यादा मेयर को तरजीह मिलेगी। पंजाब के मुख्य सचिव करण अवतार सिंह द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना में पंजाब सरकार के सचिवों, राज्य लोकसेवा आयोग के सदस्यों, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, सभी विभागों के प्रमुखों, नगर निगमों के मेयरों, डिप्टी कमिश्नरों, डीआईजी, पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को एक ग्रुप में रखा गया है। इस ग्रुप में क्रम के अनुसार ही तरजीह दी जाएगी।
दूसरे के क्षेत्र में जाने पर यह लागू नहीं :
अधिसूचना में साफ तौर पर कहा गया है कि सरकारी समारोहों में यह ऑर्डर ऑफ प्रिसीडेंस के अनुसार ही अतिथियों को बनता सत्कार दिया जाए। वैसे अधिसूचना में यह भी साफ कर दिया गया है कि दूसरे जिले या नगर निगम के क्षेत्र में जाने पर इस ऑर्डर ऑफ प्रिसीडेंस के मुताबिक सत्कार नहीं मिलेगा। सरकार की इस अधिसूचना की कापी सभी अधिकारियों और जिलों के अधिकारियों को भेज दी गई है।