पंजाब के खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर है। खिलाड़ियों का आयु प्रमाण पत्र अब स्कूल का रिकॉर्ड ही होगा। सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र की शर्त खत्म करने की घोषणा की है। अब स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर ही खिलाड़ी की सही आयु मान्य होगी।
गौरतलब है कि विभिन्न प्रकार की प्रतिस्पर्धाओं में खिलाड़ियों की आयु से संबंधित कई विवाद होते रहे हैं। इन्हीं को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने यह फैसला किया है। अकसर अधिक आयु के खिलाड़ियों द्वारा कम आयु वर्ग में खेलने के विवाद सामने आते रहे हैं। खिलाड़ियों द्वारा अपनी वास्तविक आयु छिपाकर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले भी सामने आए हैं।
अंडर-16 और 19 आयु वर्ग में इस प्रकार के विवाद अधिकांश देखे गए हैं लेकिन अब पंजाब सरकार ने खेल प्रतिस्पर्धाओं में आयु से संबंधित सभी विवादों के निपटारे के लिए स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर ही खिलाड़ियों की आयु मान्य होने की घोषणा की है।
गौर हो कि बीते वर्षों में एथलेटिक्स समेत फुटबॉल और वेट लिफ्टिंग के खिलाड़ियों द्वारा अपनी सही आयु बताने के बजाय धोखाधड़ी करने के मामले सामने आते रहे हैं। विभिन्न खेलों के अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले कई खिलाड़ियों द्वारा गलत आयु बताने और बाद में पकड़े जाने के मामले भी सामने आए। ऐसे अधिकांश आरोप राज्य और राष्ट्र स्तरीय खेलों के खिलाड़ियों पर लगे हैं जिनकी सरकार द्वारा जांच भी करवाई जा रही है।