हरियाणा के युवाओं में सेना में भर्ती होने का ऐसा जज्बा है कि वे मेडिकल, इंजीनियर सहित वाणिज्य की पढ़ाई छोड़कर भर्ती में शामिल हो रहे हैं। ऐसे युवाओं के परिजन और दोस्त चाहते हैं कि वे स्वास्थ्य विभाग या फिर अन्य निजी कंपनी में नौकरी करें। मगर युवा सेना में भर्ती होकर सीमा पर रक्षा करना चाहते हैं। इसी कड़ी में भिवानी के भीम खेल परिसर में जारी अग्निवीर सेना भर्ती में सोमवार को महेंद्रगढ़ जिले के कनीना और नांगल चौधरी तहसील के युवाओं ने भर्ती में भाग लिया।
इनमें से अधिकतर युवा ऐसे थे जो मेडिकल, इंजीनियर, वाणिज्य या फिर कला संकाय में डिग्री कर रहे हैं। युवाओं से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि सेना में अब नौकरी के साथ ही पढ़ाई भी निरंतर जारी रख सकते हैं। इसलिए वे रोजाना सुबह चार बजे उठाकर तीन घंटे अभ्यास करते हैं, जिसके बाद कॉलेज में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।
भले ही दौड़ हारे, नहीं हारे हौसला
कनीना और नांगल चौधरी तहसील से भर्ती में भाग लेने आए कई युवा ऐसे मिले जो दौड़ उत्तीर्ण नहीं कर पाए। इन युवाओं ने कहा कि वे भले ही दौड़ पूरी नहीं कर पाए मगर हौसला नहीं टूटा है। वे निरंतर मेहनत करते रहेंगे, जिसके बाद अगली भर्ती में वे अच्छा प्रदर्शन कर सेना में भर्ती होंगे। भर्ती के लिए पहुंचे युवाओं का जज्बा ऐसा था कि वे रात को किसी धर्मशाला या होटल में ठहरने की बजाय स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर ही बैठे रहे। उनका कहना है कि भर्ती के लिए देरी हो जाती तो वे भाग नहीं ले पाते, इसलिए वे कहीं सोने की बजाय बाहर इंतजार करते रहे।
मैंने पहली बार ही सेना भर्ती में भाग लिया था। पहले राउंड में जब दौड़ने लगे तो अचानक की गिर गया, जिसके कारण हाथ और पांव में चोट आ गई। बावजूद इसके चारों चक्कर पूरे किए मगर थोड़ा लेट हो गया। अगली बार सेना भर्ती के लिए अधिक प्रयास करूंगा।
- अमित, कनीना।
पहली बार ही भर्ती में शामिल होने के लिए आया था। भर्ती में सेना की ओर से सभी व्यवस्थाएं अच्छी की हुई थी मगर दौड़ न लगा पाने के कारण मेरा चयन नहीं हो पाया। सेना की तैयारी के साथ ही पढ़ाई भी जारी रखेंगे। इसलिए मैं सेना में भर्ती होकर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहता हूं।
- विनित, कनीना।
मैं मेडिकल का विद्यार्थी हूं। घरवाले और दोस्त मुझे मेडिकल की पढ़ाई जारी करने के बारे में कहते हैं मगर मैं सेना में नौकरी करना चाहता हूं। देश की सीमा पर जाना मेरा सपना है, इसलिए मैं तब तक भर्ती में भाग लूंगा जब तक आर्मी ज्वाइन न कर लूं।
- मोहित, कनीना।
पढ़ाई में मेरी काफी अच्छी रुचि रही है। इसलिए दोस्त और परिजन चाहते हैं कि मैं सरकारी नौकरी लग जाऊं या फिर खुद का बिजनेस करूं। मेरा सपना तो सिर्फ सेना में जाना है। इसके लिए मैं कई माह से गांव के मैदान में अभ्यास कर रहा हूं। भले ही इस बार दौड़ नहीं लगा पाया मगर अगली बार टॉप करूंगा।
- अभिषेक, कनीना।
युवाओं में सेना भर्ती को लेकर काफी अच्छी लग्न देखने को मिल रही है, जोकि सराहनीय है। अन्य युवाओं को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। सेना में अब नौकरी के साथ ही पढ़ाई जारी रख सकते हैं, इससे सेवानिवृत्त के बाद वे अपनी डिग्री के आधार पर अन्य क्षेत्र में भी नौकरी पा सकते हैं। हमारी सेना और सेना के जवानों पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। भिवानी में चल रही अग्निवीर सेना भर्ती में युवा बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
- संदीप अग्रवाल, एसडीएम कम जिला नोडल अधिकारी सेना भर्ती।