पंजाब के एडवोकेट जनरल के पद से एपीएस दयोल की नियुक्ति के बाद से ही कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू सरकार से नाराज चल रहे थे। सिद्धू ने इसके पीछे दलील दी थी कि बेअदबी मामले के खिलाफ दयोल ने ही कोर्ट में पैरवी की थी। इसके अलावा उन्होंने पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी का केस भी लड़ा था। इन दोनों मामलों को लेकर पहले भी नवजोत सिंह सिद्धू पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार पर हमले बोलते रहे हैं। चन्नी के द्वारा एजी के पद पर दयोल की नियुक्ति किए जाने से भी सिद्धू खफा थे। सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस प्रधान पद से भी नाराज होकर इस्तीफा दे दिया था। बाद में दयोल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
शुक्रवार को ही नवजोत सिद्धू ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि प्रधान पद से उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है लेकिन जिस दिन नए एडवोकेट जनरल की नियुक्ति हो जाएगी और नए डीजीपी के लिए पैनल प्राप्त हो जाएगा, वह अपने कार्यालय में काम फिर से शुरू कर देंगे। 28 सितंबर को पद छोड़ने की घोषणा करने वाले सिद्धू ने कहा कि प्रदेश प्रधान के रूप में काम करना जारी रखूंगा।