मदद को आगे आया डेरा सच्चा सौदा
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए डेरा सच्चा सौदा आगे आया। डेरे ने 24 घंटे मुफ्त रोटी (लंगर) की सुविधा शुरू कर की है। मूनक के नामचर्चा घर के पास सड़क पर टेंट लगाकर मुफ्त फूड सर्विस सेंटर खोल दिया है। डेरा सच्चा सौदा के 85 सदस्य बलदेव कृष्ण इंसां कुलारां ने बताया कि बाढ़ के पानी कारण लोगों को बड़े स्तर पर सुविधाओं की कमी आ रही है। इस कारण डेरा सच्चा सौदा द्वारा यह मुफ्त फूड सर्विस सेंटर खोला गया है।
मुक्तसर: सेमनाला ओवरफ्लो होने से मिनटों में डूबी धान की फसल
मुदकी क्षेत्र से आ रहे सेमनाला के ओवरफ्लो होने से मुक्तसर के गांव सीरवाली व भंगेवाला के खेतों में पानी घुस आया है। कुछ ही मिनटों में नई रोपी गई धान की फसल पानी में डूब गई। खेतों में पानी तीन फुट तक भर गया है। जिस कारण दोनों गांवों की 100 एकड़ से ज्यादा धान की फसल बर्बाद हो गई है। उधर, गांव के लोगों को डर सताने लगा है कि पानी कहीं उनके घरों की तरफ न आ जाए। हालांकि किसानों का कहना है कि उनकी ओर से ड्रेन विभाग के अधिकारी को सूचित किया गया है।
वहीं गांव लुबानियावाली में पानी ओवरफ्लो होकर खेतों व अन्य जगह पर जमा हो गया है। गांव भंगेवाला निवासी किसान सोहन सिंह ने बताया कि सेमनाला की सफाई ना होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर उनके खेतों में भर गया है। धान की फसल पानी में पूरी तरह से डूबने के कारण बर्बाद हो गई है। गांव में करीब 80 एकड़ फसल पानी में डूब गई है।
भंगेवाला के किसान गुरचरण सिंह ने बताया कि करीब आठ साल से सेम नाले की सफाई नहीं की गई। प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार इस बार सूचित किया जा चुका है लेकिन उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हो रही। 20 हजार रुपये जेब से खर्च कर उन्होंने सेम नाले की थोड़ी बहुत सफाई करवाई थी।
प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपील है कि वह नालों की सफाई करवाएं ताकि उनकी फसल बर्बाद होने से बच सकें। सीरवाली गांव के किसान जसपाल सिंह ने बताया कि उसकी 10 एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है।
सुनाम: सरहिंद ड्रेन में पानी बढ़ने से 200 एकड़ फसल डूबी
सरहिंद ड्रेन में लगातार पानी बढ़ने से आसपास के खेतों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। सुनाम से सटे तीन गांवों और शहरी इलाके में करीब दो सौ एकड़ फसल पानी में डूबने डूब गई है। यहां के गांव महिलां चौक की एक सौ एकड़ से अधिक फसल, मर्दखेड़ा की 40 एकड़, अकालगढ़ की 20 एकड़ और सुनाम शहर की 40 एकड़ फसल पानी में डूब गई है।