अबोहर उपमंडल की विभिन्न नहरें सफाई करवाने के लिए 13 से 29 नवंबर तक बंद कर दी गई हैं। जिनमें 30 नवंबर से एक दिसंबर के बीच पानी छोड़ा जा सकता है।
इसी दौरान अधिकारियों से सूचना मिली है कि मलोट के मेहराजपुरा के पास बन रहे पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो नहरबंदी को आगे बढ़ाया जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर किसानों ने नहरों में तुरंत पानी छोड़ने की मांग की है ताकि नरमे वाले खेतों में समय से गेहूं की बिजाई की जा सके।
नहरी विभाग के अनुसार, अबोहर क्षेत्र के पंजाबा और मलूकपुरा रजबाहों को सफाई के लिए 13 से 29 नवंबर तक के लिए नहरबंदी की गई है। इस दौरान नहरों की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
अधिकारी ने कहा कि निर्धारित समय पर नहरों की सफाई करवाकर एक दिसंबर तक सभी नहराें में पानी छोड़ा जा सकता है। लेकिन इसके साथ ही मलोट-मुक्तसर रोड पर गांव मेहराजवाला के पास रजवाहे पर बन रहे पुल का निर्माण कार्य अगर पूरा नहीं हो सका तो नहरबंदी कुछ दिनों के लिए और आगे बढ़ाई जा सकती है।
उधर, दर्शन सिंह, दौलत राम व सेवा सिंह किसानों ने विभाग के अधिकारियाें से अतिशीघ्र नहरों की सफाई पूरा करवाकर उसमें पानी छोड़ने की मांग की है।
किसानों ने कहा यदि समय पर नहरों में पानी नहीं आया तो गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी। किसानों ने बताया कि इस साल नरमे की फसल का उत्पादन कम हुआ और कीमत भी कम मिली है।
इसलिए किसान खेतों में गेहूं की बिजाई जल्द करना चाहते हैं। ऐसे में नहरी विभाग को शीघ्र ही नहरों में पानी छोड़ना चाहिए।