पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं देश के 13वें पूर्व आर्मी चीफ ओपी मल्होत्रा का 93 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया। उन्होंने गुड़गांव के डीएलएफ स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली।
बताया जा रहा है कि ओपी मल्होत्रा बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे। 1978 से 1981 तक उन्होंने बतौर आर्मी चीफ सेवाएं दी थीं। इसके बाद बतौर राजदूत इंडोनेशिया में 1981 से 1984 तक रहे। 1990 से 1991 तक पंजाब प्रांत के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक रहे।
6 अगस्त 1922 को कश्मीर के श्रीनगर में पैदा हुए मल्होत्रा ने श्रीनगर के मॉडल हाई स्कूल से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद लाहौर के एसपी हायर सेकेंडरी स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद देहरादून में इंडियन मिलिट्री अकादमी ज्वॉइन की। 1950 और 1961 में विभिन्न रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दीं।
वेलिंगटन के डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज में भी बतौर इंस्ट्रक्टर अपने अनुभव साझा किए हैं। 1974 में जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ साउदर्न कमांड, जनवरी 1977 में आर्मी स्टाफ के वाइस चीफ और जून 1978 में आर्मी स्टाफ के चीफ बने।
मल्होत्रा अपने पीछे पत्नी सरोज मल्होत्रा और दो बच्चे छोड़ गए हैं। बेटे अजय मल्होत्रा संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर कार्यरत हैं।