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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र अपने ही कॉलेज में नहीं बन पाएंगे शिक्षक, जानिए क्यों लगी पाबंदी

Sat, 05 Dec 2020 04:24 PM IST
निवेदिता वर्मा सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़। - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) ने एडहॉक पर काम कर रहे 30 शिक्षकों का रिनुअल नहीं किया। इसी के साथ वे पेक से बाहर हो गए हैं और अब इनकी जगह स्थायी शिक्षक लेंगे। जनवरी से लेकर मार्च तक 50 स्थायी शिक्षकों की भर्तियां होंगी। सभी डीन ने इसका खाका तैयार कर लिया है। इसी माह में रिक्तियां सार्वजनिक हो जाएंगी। 

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नियुक्तियों में सबसे बड़ा नियम यह बनाया गया है कि पेक के विद्यार्थी ही पेक में शिक्षक नहीं बन पाएंगे। उन्हें दूसरे संस्थानों में काम करना होगा। यह इसलिए किया गया ताकि यहां पढ़े विद्यार्थी अपने विचारों से दूसरे संस्थानों को लाभान्वित कर पाएं। 


पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में करीब 3400 विद्यार्थी पढ़ते हैं। नियम है कि 15 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होगा। इस तरह पेक को 226 शिक्षकों की जरूरत है। अभी पेक के पास महज 110 ही स्थायी शिक्षक हैं। लगभग 40 एडहॉक के शिक्षकों की भर्ती हर साल कर पेक काम चला रहा था। पेक का मानना है कि एडहॉक पर काम करने वाले शिक्षक शिक्षण गुणवत्ता बेहतर नहीं दे सकते, क्योंकि उनको अपने भविष्य की चिंता रहती है और वह दूसरे संस्थानों के भी संपर्क में रहते हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावी नहीं हो सकता। 
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इसके अलावा कोई जिम्मेदारी वाला काम नहीं दिया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ने एडहॉक शिक्षकों का अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया। दो से चार लोग जरूर काम कर रहे हैं। एडहॉक शिक्षकों की पेक को आगे आवश्यकता होगी तो उसके लिए अलग से नियम बनेंगे और पीएचडी करने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। 

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नए विचारों वाले लोगों को आगे लाना चाहता है पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज काफी समय बाद शिक्षकों की स्थायी नियुक्तियां करने जा रहा है। पेक का सोचना है कि पेक के विद्यार्थियों को नौकरी पर रखेंगे तो वह यहां के कैंपस में राजनीति कर सकते हैं। उनके विचारों से पेक पहले ही वाकिफ हो चुका है। ऐसे में कॉलेज नए विचारों वाले लोगों को कैंपस में लाना चाहता है। यदि पेक के अभ्यर्थी नौकरी के लिए आवेदन करेंगे तो अधिकारियों के पास सिफारिशें स्थानीय स्तर से अधिक आएंगी। ऐसे में कॉलेज अपने विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों में नौकरी करने की सलाह दे रहा है। 

स्थायी शिक्षकों की नियुक्तियों के लिए नियम 
- अभ्यर्थी का एमटेक और पीएचडी होना जरूरी।
- किसी बाहरी अधिकारी का दखल नहीं होगा।
- नियुक्ति कमेटी के अध्यक्ष पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक होंगे। साथ ही आईआईटी के दो प्रोफेसर व पेक से विभागीय डीन व एक अन्य प्रोफेसर होंगे।
- साक्षात्कार किसी भी दशा में ऑनलाइन नहीं होगा। इसके लिए अभ्यर्थी को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज आना होगा।
- अभ्यर्थी के रिसर्च से जुड़े सवालों पर कमेटी अधिक बात करेगी। 
- नए विचारों वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता मिल सकती है।
 
एडहॉक के शिक्षकों का रिनुअल नहीं किया गया है। उनकी जगह अब स्थायी शिक्षकों की भर्तियां करने जा रहे हैं। सभी डीन ने अपना खाका तैयार कर लिया है। लगभग 50 शिक्षकों की भर्तियां होंगी। पेक के विद्यार्थियों को रिक्तियों में जगह नहीं मिलेगी। - प्रो. धीरज सांघी, निदेशक, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज 
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