सियासी हलकों में कई दिन से चल रही अटकलों पर आखिरकार रविवार को विराम लग गया। पूर्व सीएम सुरजीत सिंह बरनाला की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (लोंगोवाल) का कांग्रेस में विलय होगा। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दोनों पार्टियों के नेताओं ने इसका एलान किया।
इस दौरान शिअद-लोंगोवाल की प्रधान सुरजीत कौर बरनाला, महासचिव बलदेव मान, गगनजीत बरनाला और सिमरजीत बरनाला मौजूद थे जबकि, कांग्रेस की ओर से पंजाब प्रभारी शकील अहमद, प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैंपेन कमेटी की चेयरपर्सन अंबिका सोनी मौजूद रहीं। सुरजीत कौर बरनाला ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर नेतृत्व में कांग्रेस ही पंजाब में उम्मीद की किरण है।
उन्होंने बढ़िया प्रशासन देकर अपनी काबिलियत को साबित किया है। पंजाब के हितों की रक्षा के लिए अपने सियासी कॅरियर को भी दांव पर लगा दिया। कैप्टन ने कहा कि बरनाला परिवार के साथ उनके पुराने रिश्ते हैं। वह पूर्व सीएम सुरजीत सिंह बरनाला के कार्यकाल में बतौर मंत्री सेवा कर चुके हैं। आज हर कोई पंजाब के हितों के लिए चिंतित है। शकील अहमद और अंबिका सोनी ने कहा कि इस विलय से पंजाब में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले मनप्रीत बादल की पार्टी पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब का भी कांग्रेस में विलय हो चुका है।
कई अकाली होंगे कांग्रेस में शामिल: कैप्टन
प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि 2017 तक अकाली दल पूरी तरह चूर-चूर हो जाएगा। शिअद में अंदरखाते काफी नाराजगी चल रही है, चुनाव से पहले इसमें बड़ा विस्फोट होगा। पार्टी के कई सीनियर नेता कांग्रेस ज्वाइन करने के लिए चुनाव आचार संहिता लगने का इंतजार कर रहे हैं। वह पूरी तरह कांग्रेस के संपर्क में हैं। प्रेस कांफ्रेंस में कैप्टन ने कहा कि अकाली नेता डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि सुखबीर उन्हें झूठे केसों में फंसा देंगे।
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार का प्रशासन पर कंट्रोल खत्म हो जाएगा। इसके बाद वे इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। कैप्टन ने कहा कि हाल ही में सामने आए बारह हजार करोड़ के अनाज घोटाले के बाद कैश क्रेडिट लिमिट मंजूर होना संभव नहीं है। इसका असर किसानों पर पड़ सकता है, उनको अदायगी नहीं होगी। कैप्टन ने इस बात को नकारा कि आम आदमी पार्टी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद आप ने दोनों उप चुनाव में जमानत जब्त करवाई है।
पंजाब के दुश्मन हुए इकट्ठे - शिअद
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल ने शिअद-लोंगोवाल के कांग्रेस में विलय पर कहा कि पंजाब के दुश्मन इकट्ठे हो गए हैं। पार्टी महासचिव प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि सुरजीत सिंह बरनाला इस कार्यक्रम से अलग रहे। कांग्रेस और शिअद-लोंगोवाल पहले से इकट्ठे थे। यह विलय महान संत हरचंद सिंह लोंगोवाल का अपमान है, जिनका नाम बरनाला की पार्टी इस्तेमाल कर रही थी क्योंकि संत लोंगोवाल ने अपना सारा जीवन कांग्रेस से लड़ने में लगा दिया।