कैंडिल मार्च की अनुमति नहीं थी और सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं रखी गई थी। पुलिस ने मौके पर ही लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेजना शुरू कर दिया। इस बीच सुखपाल खैरा वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने जब परमिशन और डीसी के आदेशों की बात की और बताया कि कोरोना के कारण एकत्रित होने पर पाबंदी है तो खैरा कोई अनुमति नहीं दिखा पाए।
पुलिस ने खैरा समेत 30 लोगों को हिरासत में ले लिया और डिवीजन नंबर चार ले आए। जहां पर पुलिस डिवीजन नंबर चार में धारा 188 (मजिस्ट्रेट के आदेशों का उल्लंघन), महामारी अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम व महामारी अधिनियम की धारा के तहत केस दर्ज कर लिया है। एसीपी हरसिमरत ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और केस की धाराएं जमानती हैं, इसलिए उनको थाने से ही जमानत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।