कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अमृतसर सेंट्रल से विधायक ओपी सोनी ने कहा कि उनका नाम जानबूझ कर नशा के कारोबार के साथ जोड़ा जा रहा है। पिछले दस वर्षों से उनका नाम नशा के साथ जोड़ा जाता रहा है।
शशिकांत ने भी अपनी रिपोर्ट में बिना किसी पुख्ता सबूत से उनका नाम शामिल किया है। अगर वह सचमुच इस कारोबार में शामिल होते तो पिछले सात वर्षों से लगातार अकाली- भाजपा की सरकार चली आ रही है तो उनका खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
नशे का कारोबार अकालियों का धंधा : कैप्टन
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व अमृतसर संसदीय सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि बहुत सारे अकाली नेता और विधायक नशा के कारोबार में शामिल है और कुछ ही वर्षों में इस काले कारोबार की सहायता से अरबों रुपये की जायदाद खड़ी कर ली है।
यही कारण है कि प्रकाश सिंह बादल अपने मंत्रियों विधायकों के नशा के कारोबार में शामिल होने के संबंध में सीबीआई की जांच नहीं करवाते है।
कांग्रेस के विधायक ओपी सोनी का भी शशिकांत ने नशा के कारोबार में शामिल होने का खुलासा किया है। परंतु उन्हे पूरा विश्वास है कि ओपी सोनी इस कारोबार में शामिल नहीं है। उन्हें सिर्फ बदनाम किया जा रहा है।
मजीठिया ने कुछ कहने से किया इनकार
पूर्व एडीजीपी की ओर से अकाली विधायकों और मंत्रियों के नामों का नशा के कारोबार में शामिल होने के किये खुलासे पर कोई भी प्रतिक्रिया व्यक्त करने पर केबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया ने इंकार कर दिया है।
मीडिया ने जब मजीठिया की इस पर प्रतिक्रिया जाननी चाही को मजीठिया ने कहा कि वह इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोलना चाहते है।
सिर्फ नाम आने से दोषी नही माना जाता, सुबूत भी चाहिए: जेटली
अमृतसर के भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेतली ने कहा कि शशिकांत ने अपनी रिपोर्ट को सार्वजनिक करके अपने उस ड्यूटी धर्म के साथ अन्याय किया है जो प्रशासनिक अधिकारियों को ड्यूटी ज्वाइन करने के वक्त शपथ के दौरान निभाने को कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि शशिकांत के अभी तो सिर्फ खुलासा ही किया है। खुलासा करने या किसी की ओर से नाम लिए जाने पर कोई व्यक्ति अपराधी सिद्ध नहीं हो जाता है।
आरोप सिद्ध करने के लिए सुबूतों की जरूरत होती है। जब सबूत आरोपों को सिद्ध कर देंगे फिर ही कुछ कहा जा सकता है।