चंडीगढ़ सेक्टर 46 स्थित गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर पंडित राव की मुहिम रंग लाई। अब पंजाब में शराब आधारित गाने नहीं बजेंगे। उनके अभियान के बाद पंजाब के डीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को चुनाव के दौरान शराब पर आधारित गीत गाने बजाने पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रोफेसर पंडित राव महिलाओं के अपमान (अश्लील) और शराब से जुड़े गानों को लेकर काफी व्यथित हैं। उन्होंने इस बुराई को समाज से खत्म करने का बीड़ा उठा लिया है। लोगों को इस बुराई के प्रति जागरूक करने के लिए पंडित राव रोजाना सेक्टर 42 की लेक पर बैनर लेकर खड़े होते हैं। बैनर पर महिलाओं का अपमान करने वाले और शराब पर आधारित गानों का चुनाव में प्रयोग न करने की अपील की गई है।
यही नहीं, प्रोफेसर ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ अभियान को गंभीरता से लेने की अपील की। पत्र पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर ऐसे गानों पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया।
चुनाव आयोग ने पत्र पर लिया संज्ञान
पंडित राव ने आचार संहित लागू होते ही एिक पोस्टर छपवाया, जिस पर लिखा गया है कि अश्लील गाने, शराब पर आधारित गाने और गोलियों की आवाज वाले गानों का प्रयोग न किया जाए। उन्होंने बताया कि पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान ऐसे गानों का काफी प्रयोग होता है, जो समाज के लिए हानिकारक हैं। इसका समाज पर बुरा असर पड़ता है।
राव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से ही सबसे पहले अपील करता हूं कि इस प्रकार के गानों का न प्रयोग करें और न किसी को करने दें। उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने उनके पत्र का संज्ञान लिया और डीजीपी को इस संबंध में निर्देश दिया। डीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी व एसपी को इस प्रकार के गानों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
दो साल पहले हाईकोर्ट में की थी अपील
प्रोफेसर राव ने बताया कि बठिंडा में दो साल पहले एक पार्टी के दौरान कुलविंदर कौर नामक डांसर को गोली लग गई थी। उस घटना से वह इतने आहत हुए कि इसके खिलाफ अभियान चलाने का विचार बनाया। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की कि एक सेंसर बोर्ड बनाया जाये जो शराब से संबंधित गानों, गोलियों की आवाज वाले गाने, महिलाओं का अपमान करने वाले गानों को पहले ठीक से देखें। साथ ही उन्हें सावर्जनिक स्थलों पर न बजाया जाये।