पंजाब में डीजीपी पद पर नियुक्ति को लेकर ताजा विवाद कोई नया नहीं है। हमेशा इस पद को लेकर कोर्ट कचहरी तक मामला गया है। अकाली-भाजपा शासन में जब सुमेध सिंह सैनी को डीजीपी लगाया गया, उस समय भी उनकी नियुक्ति पर विवाद हो गया था कि तीन सीनियर अधिकारियों को नजरअंदाज करके सैनी को डीजीपी लगाया गया है।
उनके अवकाश पर जाने के बाद 2014 में चुनाव आयोग ने सुरेश अरोड़ा को डीजीपी तैनात करके चुनाव करवाने का फैसला किया। चुनाव संपन्न होते ही सैनी अपने पद लौट आए तो अकालियों ने ही उनकी तैनाती पर ऐतराज कर दिया। मजबूरन सुरेश अरोड़ा को 25 अक्तूबर, 2015 को डीजीपी पद सौंप दिया गया।
राज्य में 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के गठन के बाद सुरेश अरोड़ा ही डीजीपी बने रहे। हालांकि इस पद को लेकर पुलिस विभाग में लॉबिंग तेज हो गई और इस पद की दौड़ में सबसे आगे मुहम्मद मुस्तफा दिखाई देने लगे। 31 दिसंबर, 2018 को अरोड़ा को एक साल की एक्सटेंशन भी दी गई।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा, जो 30 सितंबर, 2018 को रिटायर होने वाले थे, को राज्य सरकार के आग्रह पर गृह मंत्रालय ने तीन माह का एक्सटेंशन दिया। इसके बाद इस एक्सटेंशन को एक माह बढ़ाकर आगामी 31 जनवरी कर दिया गया।
जनवरी 2019 में केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार के आग्रह के बिना ही जब अरोड़ा का कार्यकाल बढ़ाया तो सरकार नींद से जागी और आननफानन अफसरों का पैनल बनाने की तैयारी शुरू हो गई।
नए डीजीपी का चुनाव यूपीएससी द्वारा राज्य सरकार के पैनल से तय किए जाने संबंधी नई शर्तों के तहत यह भी लाजिमी हो गया कि पुराने डीजीपी की रिटायरमेंट के बाद उसी अधिकारी को डीजीपी बनाया जा सकता है, जिसकी रिटायरमेंट में कम से कम दो साल का समय बाकी हो।
इस शर्त के आधार पर राज्य सरकार की ओर से जिन अधिकारियों के नामों का पैनल भेजा गया, उनमें डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा की रिटायरमेंट 28 फरवरी, 2021 को, डीजीपी दिनकर गुप्ता की रिटायरमेंट 31 मार्च, 2024 को, डीजीपी संजीव चट्टोपाध्याय की 31 मार्च 2022 को, डीजीपी एमके तिवारी की 28 फरवरी 2022, सीएसआर रेड्डी 31 दिसंबर 2020 को रिटायरमेंट होंगे।
यूपीएससी ने बैठक के बाद इस पैनल में से तीन नामों-सुमंत गोयल, मोहम्मद मुस्तफा, दिनकर गुप्ता के नाम पर मुहर लगा दी, जिनमें से किसी एक को डीजीपी बनाया जाना था। पंजाब सरकार ने जब इन तीन नामों से से दिनकर गुप्ता को डीजीपी चुना तो मोहम्मद मुस्तफा और तीन अफसरों के पैनल में भी जगह नही बना सके संजीव चट्टोपाध्याय ने दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती दे दी।