करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते श्रद्धालुओं की आवाजाही पर दिए बयान से विवादों में घिरे पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता रविवार को भी अपनी बात पर कायम रहे कि उनके बयान को गलत समझा गया है। उन्होंने दो ट्वीट कर पंजाब की जनता से माफी भी मांगी है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘यदि मेरे द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी से अनजाने में मेरे राज्य के लोगों को कोई ठेस पहुंची है तो मैं ईमानदारी से खेद व्यक्त करता हूं, क्योंकि यह मेरा उद्देश्य कभी नहीं था। मैं केवल पंजाब में एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना चाहता हूं जो प्रत्येक नागरिक की समृद्धि के लिए आवश्यक हो।’
इससे पहले उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि उन्होंने अपनी 32 साल की सेवा के दौरान अपने गृह राज्य पंजाब के लोगों की भलाई के लिए ईमानदारी से काम किया है। उन्होंने अपना कार्यकाल फरवरी 2019 में दरबार साहिब में अरदास के साथ शुरू किया और हर नागरिक और राज्य को सुरक्षित रखने के लिए उनका आशीर्वाद और समर्थन प्राप्त किया।
गौरतलब है कि डीजीपी ने अपने बयान में करतारपुर कॉरिडोर को सुरक्षा के खतरा बताया था। उन्होंने कहा था कि करतारपुर में ऐसे लोग है जो बरगलाने की कोशिश कर सकते हैं।
करतारपुर में उनकी ऐसी क्षमता है कि अगर आप किसी साधारण शख्स को भी सुबह भेजते है तो शाम तक वह ट्रेंड आतंकी बनकर लौटता है। लोग वहां छह घंटे तक रहते हैं। वहां से फायरिंग रेंज तक ले जाया जा सकता है। वहां आईईडी बनाना सिखाया जा सकता है।