पूर्व अफसर ने फोर्टिस हस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें रविवार को गुरुनानक देव अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से शिफ्ट करके फोर्टिस हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया था। अमृतसर के चाटीविंड क्षेत्र की चन्नन सिंह कॉलोनी में रहने वाले पूर्व एडिशनल कमिश्नर कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने उनकी पत्नी व बेटी को भी आइसोलेट कर लिया था। दोनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हुए हैं।
खास बात यह है कि पूर्व एडिशनल कमिश्नर की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी। 29 मार्च को उन्हें खांसी-जुकाम की शिकायत हुई तो वे गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती हुए थे। डॉक्टरों ने उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे, पर रिपोर्ट निगेटिव आई थी। ऐसे में डॉक्टर ने उन्हें मेडिसिन वार्ड में दाखिल होने को कहा, पर हालात देखकर उन्होंने भर्ती होने से इनकार कर दिया। वह घर लौट गए, लेकिन खांसी-जुकाम के साथ सांस की तकलीफ बढ़ गई।
फिरवह दोबारा गुरु नानक देव अस्पताल में आए। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटीलेटर पर ट्रीटमेंट लेने को कहा, पर वह बिना इलाज करवाए फोर्टिस अस्पताल में दाखिल हो गए। फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों को उन्होंने मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब की निगेटिव रिपोर्ट दिखाई। हालांकि डॉक्टरों ने भांप लिया था कि उनमें कोरोना के लक्षण हैं, इसलिए उन्होंने एसएलआर लैब से टेस्ट करवाया, जिसकी रिपोर्ट रविवार को पॉजिटिव आई।
बताया जा रहा है कि पूर्व एडिशनल कमिश्नर वर्तमान में अमृत प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट के रूप में काम कर रहे थे। इसलिए स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि पिछले एक माह में वे किन लोगों के संपर्क में आए।
जिले में कोरोना वायरस के दो पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इसके साथ ही जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या तीन हो गई। बीते दिन मोरिंडा के गांव चतामली वासी एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद सेहत विभाग ने मरीज के पारिवारिक सदस्यों और उसके संपर्क में आने वाले लोगों के भी सैंपल लिए। डीसी सोनाली गिरी ने बताया कि सैंपल की जांच के बाद इस व्यक्ति की पत्नी(54) तथा बेटे(16) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
दोनों मरीजों को बनूड़ के ज्ञान सागर अस्पताल में आइसोलेट किया गया है। डीसी ने बताया कि कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के लिए जिले में 91 बेड तैयार किए गए हैं। 55 बेड का प्रबंध रोपड़ के सरकारी अस्पताल तथा 36 बेड का प्रबंध नंगल के सरकारी अस्पताल में किया गया है। यह वार्ड सभी सुविधाओं से लैस हैं।
मोहाली में सोमवार को चार नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। कोरोना के शिकार हुए चारों मरीज अपने परिजनों के संपर्क में आकर संक्रमित हुए हैं। इनके परिजन मरकज से लौटे थे, उनका पहले ही इलाज चल रहा है।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनमें से मोहाली निवासी युवक को बनूड़ के ज्ञानसागर अस्पताल जबकि अन्य तीनों को चंडीगढ़ सेक्टर- 32 अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी उम्र 29 साल है। डीसी गिरीश दियालन ने इसकी पुष्टि की।
वहीं, अब जिले में कोरोना पीड़ितों की संख्या 19 हो गई है। जबकि इनमें से एक व्यक्ति की मौत तक हो चुकी है। मोहाली अब कोरोना पीड़ितों के मामले में ट्राइसिटी ही नहीं पंजाब में भी पहले नंबर पर आ गया है। ऐसे में सरकार मोहाली को अति संवेदनशील मानकर चल रही है। साथ ही बीमारी से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है।
जानकारी के मुताबिक सेक्टर-68 निवासी एक युवक सोमवार सुबह पॉजिटिव आया। उसके पिता पहले ही पॉजिटिव आए थे। वह दिल्ली से एक धार्मिक समागम से शामिल होकर लौटे थे। दूसरी ओर डेराबस्सी के जवाहरपुर में तीन नए केस सामने आए हैं। इसमें पहले पॉजिटिव आए युवक के पिता, पत्नी और भाई शामिल हैं।
औरंगाबाद महाराष्ट्र की रहने वाले 11 लोगों के एक समूह की दो महिलाएं कोरोना पॉजिटिव मिली हैं। फतेहगढ़ साहिब में दोनों कोरोना के पहले मामले हैं। दोनों महिलाओं की उम्र 50 से 55 वर्ष के आसपास है। यह समूह 10 से 14 मार्च तक दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात में हिस्सा लेकर सानीपुर गांव फतेहगढ़ साहिब लौटा था। यहां यह परिवार 14 से 17 मार्च तक रहा। फिर 17 से 21 मार्च तक ये लोग उंच्चा पिंड संघोल में रहे।
इसके बाद 21 मार्च से 3 अप्रैल तक खमाणों के गांव मनैली में किसी मस्जिद में रुके थे। जैसे ही इन लोगों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिली तो खमाणों के सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इनकी जांच की गई। रविवार को दो महिलाएं कोरोना पॉजिटिव मिली। सरकार से मिले आदेश के बाद रात को ही दोनों महिलाओं को ज्ञान सागर अस्पताल राजपुरा में शिफ्ट कर दिया गया। साथ ही जिले के चार गांवों को सील कर दिया गया है।
इसमें गांव सानीपुर, संघोल, खोजेमाजरा और मनैली के नाम शामिल हैं। सिविल सर्जन डॉ. एनके अग्रवाल ने बताया कि सभी लोग महाराष्ट्र के औरंगाबाद से हैं। इनमें जिले का कोई निवासी नहीं है। कोरोना पीड़ित मरीजों के संपर्क में आए सभी लोगों को घरों में ही क्वारंटीन किया गया है और सैंपल भी लिए जा रहे हैं। सारे इलाके को सैनिटाइज किया जा रहा है।
निजामुद्दीन मरकज से लुधियाना लौटा एक जमाती कोरोना पॉजिटिव मिला। अब जिले में कोरोना पॉजिटिव की कुल संख्या सात हो गई है। इसमें छह लोग लुधियाना से संबंधित है, जबकि एक महिला जालंधर की है। जिले में कोरोना के चलते अभी तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी है।
सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश बग्गा ने बताया कि एक गांव निवासी व्यक्ति की रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव पाई आई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को उसके घर भेजकर परिवार के नौ सदस्यों को सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उक्त व्यक्ति तब्लीगी जमात से संबंधित है। पुलिस के पास तब्लीगी होने की रिपोर्ट पहले से आ चुकी थी। वही राजगढ़ में कोरोना पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति के परिवार की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
कपूरथला में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। कपूरथला के समीपवर्ती गांव कोट करार खां में पहला पॉजिटिव केस सामने आया है। पॉजिटिव पाया गया मरीज नाबालिग है और 18 मार्च को दिल्ली के तब्लीगी मरकज से सपरिवार गांव लौटा था। जिसे रविवार को रात को पुलिस की मदद से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे क्वारंटीन से निकालकर आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर दिया है। जहां पर अभी तक उसकी हालत स्थिर है। पुलिस ने कोट करार खा समेत 14 गांवों को पूरी तरह से सील कर दिया है। ये सभी आसपास के सात-आठ किलोमीटर के दायरे में आते हैं।
स्वास्थ्य विभाग कपूरथला की तरफ से दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए तब्लीगी जमात के मरकज में भाग लेकर वापस आए लोगों में से कुल 33 व्यक्तियों के सैंपल कोरोना वायरस जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सिविल सर्जन डा. जसमीत बावा ने बताया कि कपूरथला के पास गांव कोट करार खां निवासी 17 वर्षीय नाबालिग की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। उन्होंने बताया कि पीड़ित को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है और मरीज पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी नजर है और उसे इलाज मुहैया करवाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पीड़ित स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में ही रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि डर और दहशत का माहौल न क्रिएट किया जाए, बल्कि सेहत विभाग का सहयोग किया जाए। जिससे समय पर पीड़ितों की पहचान की जा सके। एसएमओ डा. तारा सिंह के अनुसार मरीज की हालत इस समय स्थिर है। डीएसपी सब-डिवीजन हरिंदर सिंह गिल ने कहा कि गांव कोट करार खां को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इस गांव के सात-आठ किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों के सरपंचों की मदद से ठीकरी पहरे लगवाने शुरू कर दिए हैं। गांव कोट करार खां में पुलिस फोर्स तैनात की जा रही है।