संगरूर में कोरोना का दूसरा मामला सामने आया है। मामला अहमदगढ़ के नजदीकी गांव दलहीज का है। पीड़ित व्यक्ति तब्लीगी जमात का सदस्य है। मामला सामने आते ही गांव दहलीज कलां को प्रशासन ने सील कर दिया है। करीब 650 घरों और 3500 के करीब की आबादी वाले गांव दहलीज में तब्लीगी जमात के सोलह सदस्य 26 मार्च से रुके थे। इनमें से दिल्ली निवासी 55 वर्षीय बुजुर्ग करोना पाजिटिव पाया गया है।
दिल्ली के निजामुद्दीन से चलकर गांव दहलीज पहुंचने से पहले बुजुर्ग मालेरकोटला और अहमदगढ़ शहर की मस्जिद और लुधियाना के गांव पोहीड़, घुंगराना, किलारायपुर और सरींह में भी रुका था। एसडीएम अहमदगढ़ विक्रमजीत सिंह पांथे ने बताया कि गुरुवार देर रात टेस्ट की रिपोर्ट मिलने के बाद शुक्रवार को सुबह डीएसपी करनवीर सिंह और एसएचओ सदर संजीव कपूर की रहनुमाई वाली टीम ने गांव को जाते सभी रास्तों को सील कर दिया था और स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीमों ने गांव को नौ हिस्सों में बांटकर लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि बुजुर्ग जिन लोगों के संपर्क में आया है, उन लोगों को एकांतवास में रखकर मेडिकल चेकअप करवाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक यह जमात अहमदगढ़ शहर और दहलीज की मस्जिदें में 26 मार्च को पहुंची थी और स्वास्थ्य विभाग की टीम 31 मार्च को इन्हें चेक करने गई थी। क्योंकि कोई उच्च अधिकारी टीम के साथ नहीं गया था। इसलिए जमात के सदस्यों ने कोरोना टेस्ट से इंकार कर दिया था।
जिसके बाद खुफिया रिपोर्ट पर कार्रवाई करते प्रशासन ने विगत बुधवार को इन सभी को संगरूर आइसोलेशन केंद्र में शिफ्ट करके टेस्ट करवाने के लिए सैंपल लिए थे। जबकि बाकी सदस्यों का टेस्ट नेगेटिव आया। बुजुर्ग का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई अमल में लाई।
इस बारे बातचीत करते डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि पहले दोनों मरीजों में कोरोना या किसी भी बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए और टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद इनका आगे का इलाज शुरू करवा दिया गया है। इसके अलावा मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है। लुधियाना के जिन इलाकों में पॉजिटिव रहकर आया है उस बारे डीसी लुधियाना प्रदीप अग्रवाल को सूचित कर दिया गया है।
पठानकोट में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में शुक्रवार को बड़ी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई। सुजानपुर के शेखां मोहल्ले के आठ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नए मरीजों में कोरोना संक्रमित मृतक महिला के रिश्तेदार, पड़ोसी और घर में काम करने वाली महिला शामिल है। इसके अलावा पठानकोट शहर में भी पहला पॉजिटिव केस सामने आया है।
मृतक महिला को मिलाकर अब पठानकोट में संक्रमितों की संख्या 15 हो गई है। शुक्रवार दोपहर बाद जारी हुई लिस्ट जैसे ही पठानकोट सिविल अस्पताल पहुंची तो प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गए।
पठानकोट (सुजानपुर) की पहली संक्रमित महिला की पांच अप्रैल को मौत हो गई थी। इसके बाद महिला के पति, 2 बहुओं, एक बेटा और पोता-पोती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। शुक्रवार को आई रिपोर्ट के अनुसार मृतका के संक्रमित पति के करीबी मोहल्ला शेखां निवासी 67 और 55 वर्षीय दो बुजुर्ग में संक्रमित पाए गए हैं।
मृतका के संपर्क में आई तीन महिला,18 वर्षीय युवक और 15 साल की किशोरी भी संक्रमित मिली। वहीं पठानकोट के मोहल्ला आनंदपुर रड़ा निवासी 56 वर्षीय बुजुर्ग भी पॉजिटिव मिला। इस बुजुर्ग में संक्रमण कहां से आया, प्रशासन इसकी जांच में जुट गया है। पठानकोट शहर में पहला केस आने के बाद प्रशासन और सतर्क हो गया है। डीसी ने कहा कि लोग घरों में रहें और बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से निकलें।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को निजात्म नगर निवासी बुजुर्ग महिला के बाद उसके बेटे रवि छाबड़ा और अब 17 साल के पोते के भी कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। वहीं बुजुर्ग की पोती की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे घर भेज दिया गया है।
रिपोर्ट आने के बाद किशोर को सिविल अस्पताल में ही आइसोलेट कर दिया गया है। रवि छाबड़ा खुद सिविल अस्पताल जालंधर में भर्ती हैं, जबकि उनकी मां सीएमसी लुधियाना में दाखिल हैं। वहीं रवि छाबड़ा के परिवार से संपर्क के कारण इलाके की कांग्रेसी पार्षद कमलेश ग्रोवर व उसके बेटे अनमोल ग्रोवर को क्वारंटीन कर दिया गया है। इसके अलावा रवि छाबड़ा सिविल अस्पताल में विधायक सुशील रिंकू से थोड़ी दूरी से मिला था, लेकिन रिंकू को अभी क्वारंटीन नहीं किया गया है।
निजात्म नगर के रहने वाले मरीज की मां जालंधर में पहली कोरोना पॉजिटिव मरीज थी। विधायक रिंकू महिला के पॉजिटिव आने के बाद ही उनके बेटे से मिले थे। हालांकि विधायक रिंकू का कहना है कि वह मरीज से सोशल डिस्टेंस रखकर सिविल अस्पताल में दूर से मिले था और इस बात को 20 दिन बीत चुके हैं।