पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि कोविड महामारी की नई लहर के मद्देनजर संभावित खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। पंजाब सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में मुख्यमंत्री ने कोविड संबंधी तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार को बुलाई बैठक में राज्य सरकार के प्रबंधों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कोविड के फैलाव को रोकने और प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा पर जोर देते हुए सभी शैक्षिक संस्थाओं, सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों और आंतरिक एवं बाहरी एकत्रता, मॉल्स, सार्वजनिक स्थानों आदि में मास्क पहनने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के अनुकूल एहतियाती कदमों जैसे- सामाजिक दूरी, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने और अन्य सावधानियों का पालन करें।
मान ने स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा कि अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो कोविड टेस्ट करवाने के साथ-साथ इससे संबंधित सावधानियां भी बरतें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को भी अपने-अपने जिलों में प्रबंधों का लगातार जायजा लेने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की किसी भी तरह की संभावित स्थिति से निपटने के लिए पंजाब सरकार राज्यस्तरीय कोविड कंट्रोल रूम स्थापित करेगी। कोविड टेस्ट कर रहे सभी अस्पतालों, लैबोरेटरियों, कलेक्शन सेंटरों को पंजाब सरकार के कोवा पोर्टल पर कोविड टेस्टों की पॉजिटिव और निगेटिव रिपोर्टें अपलोड करनी होगी। इसके अलावा संबंधित जिला और राज्यस्तर के कोविड-19 सेल को टेस्टों संबंधी पूरी जानकारी मुहैया करवाई जाए। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों की कोविड-19 की दूसरी डोज और एहतियाती डोज लगवानी बाकी है, उन्हें जल्द से जल्द यह डोज ले लेनी चाहिए। मान ने अधिकारियों से कहा कि इस संबंध में सरकार के फैसले को सख्ती से लागू करना चाहिए।
पंजाब में रोजाना 2500 टेस्ट
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों पर संतोष प्रकट करते हुए कहा कि अब तक 2 करोड़ 10 लाख 80 हजार सैंपल लिए जा चुके हैं और औसतन रोजाना के 2500 आरटी-पीसीआर और आरएटी टेस्ट किए जा रहे हैं। प्रत्येक सब-डिवीजनल अस्पताल में यह टेस्ट हर शनिवार और रविवार को भी किए जाते हैं। तीन हफ्तों के दौरान कोरोना की संक्रमण दर 0.02 प्रतिशत रही और पिछले दो महीनों से 0.1 प्रतिशत से भी कम रही है।
आईसीयू बेड और एलएमओ की पर्याप्त व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था वाले आरक्षित लेवल-2 बिस्तरों की संख्या 790 है और जरूरत पड़ने पर बच्चों के लिए 324 आईसीयू बेड भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर 3518 और लेवल-2 व 142 और आईसीयू बेड मुहैया किए जाएंगे।
राज्य में 23 लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) स्टोरेज टैंक (एमजीपीएस समेत) लगा दिए गए हैं और 87 प्रेशर स्विंग अब्जॉर्प्शन प्लांट काम कर रहे हैं। सभी अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, बीमारी, सांस लेने में दिक्कत और संक्रमण से पीड़ित मरीजों की टेस्टिंग बढ़ाने के लिए अधिकारियों को कहा गया है।