सुलह के फॉर्मूले के बीच पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। गुरुवार शाम नवजोत सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ में पंजाब के मंत्री और विधायकों के साथ एक बैठक की। इस बैठक की चर्चा पंजाब के राजनीतिक गलियारों में खूब हो रही है। वहीं कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है।
मतभेदों से जूझ रही पंजाब कांग्रेस में नई हलचल शुरू हो गई है। गुरुवार शाम कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के चंडीगढ़ स्थित आवास में यह बैठक की।
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बैठक में मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा और विधायक परगट सिंह शामिल थे। बता दें कि तीनों मंत्री और विधायक परगट कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के खिलाफ पहले भी आवाज उठा चुके हैं। ऐसे में इन नेताओं के साथ बैठक कर नवजोत सिंह सिद्धू नए समीकरण साधने में जुटे हैं। इन्हें सिद्धू खेमे का नेता माना जाता है।
सिद्धू को मिल सकती प्रदेश अध्यक्ष की कमान
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नाराज विधायक नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। चर्चा यह भी है कि इसी के साथ दो कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति भी की जाएगी। कार्यकारी अध्यक्ष के पद संतोष चौधरी और शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला के खाते में जा सकते हैं। उधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में ही 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा।
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सिद्धू के समर्थन में लगे पोस्टर
लुधियाना में एक समर्थन ने कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के पोस्टर लगाए। पोस्टर में लिखा है कि बब्बर शेर एक ही होता है। व्यक्ति ने कहा कि मैं उनका समर्थक हूं और मेरा कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। मैं चाहता हूं कि वे मुख्यमंत्री बनें, क्योंकि वह पंजाब के विकास के लिए काम कर सकते हैं।
कैप्टन के इस्तीफे की खबरे निराधार
उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे की मीडिया में खबरें चलने लगीं। बाद में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने इन रिपोर्ट्स को निराधार बताया और कहा कि न तो कैप्टन ने इस्तीफा दिया है और न ही ऐसा करने की पेशकश की है। वह 2022 के विधानसभा चुनावों में पंजाब कांग्रेस को जीत दिलाएंगे जैसा कि उन्होंने 2017 में किया था।