सूबे के नए वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि उनकी सरकार शिअद-भाजपा सरकार के बीते तीन साल के कार्यकाल पर श्वेत पत्र लाएगी। साथ ही सरकार बिजली विभाग के हिसाब-किताब का भी थर्ड पार्टी से आडिट कराएगी।
सचिवालय में शुक्रवार को अपना कार्यभार संभालने के साथ ही वित्त मंत्री प्रदेश में चढ़े कर्ज से चिंतित दिखे। उन्होंने कहा कि अकालियों ने सूबे के खजाने को इतनी बुरी तरह लूटा है कि देश में अंग्रेजों ने भी ऐसी लूट नहीं मचाई होगी।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनप्रीत ने शिअद सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पता नहीं उनमें किस किस्म की भूख थी कि सारे सरकारी विभागों के लिए बेहिसाब लोन लिए गए और पैसा संगत दर्शन पर लगा दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले डेढ़ साल में सारी बिगड़ी स्थिति को सुधारने का है।
पंजाब पर पौने दो लाख करोड़ की देनदारी
मौजूदा वित्तीय हालत की जानकारी देते हुए मनप्रीत ने बताया कि अगर फूड ग्रेन और अन्य घाटों को जोड़ दिया जाए तो इस समय प्रदेश पर करीब पौने दो लाख करोड़ रुपये की देनदारी है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार 9 फीसदी की महंगी ब्याज दर पर लोन लेती रही, जिसके लिए अब कांग्रेस सरकार केंद्र से साथ बातचीत कर 7.2 फीसदी की दर से बांड आदि खरीदने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच फूड अकाउंट में 31000 करोड़ रुपये का हिसाब मेल नहीं खा रहा है, उस विवाद को भी सुलझाने की कोशिश की जाएगी।