पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा दी गई सलाह नागवार गुजरी है। प्रदेश कांग्रेस के दोनों नेताओं के बीच इससे नया विवाद खड़ा होने की आशंका बढ़ गई है। खैरा की सलाह पर प्रतिक्रिया में राजा वड़िंग ने इतना ही कहा कि बिन मांगे सलाह देने से सम्मान घटता है।
दरअसल सुखपाल खैरा ने शनिवार सुबह ट्वीट किया कि कांग्रेस प्रधान किसी का बचाव करने के लिए पार्टी काडर की ऊर्जा को बर्बाद न करें क्योंकि पंजाब के सामने बेअदबी, किसान खुदकुशी और पानी जैसे अनेक ज्वलंत मुद्दे हैं। खैरा ने इस ट्वीट के जरिए प्रदेश प्रधान के उस धरना-प्रदर्शन पर सवाल उठाया है, जो पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब कांग्रेस इन दिनों आप सरकार के खिलाफ लामबंद होकर कर रही है।
खैरा ने लिखा कि मैंने ईडी का सामना किया, मैं सच्चा था इसलिए भुलत्थ के लोगों ने मुझे विधानसभा में फिर चुनकर भेजा। खैरा ने आशु का नाम लिए बिना अपनी ही पार्टी को घेरते हुए कहा कि अगर हमारे नेता ईमानदार हैं तो चिंता क्यों?
गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग के नेतृत्व में कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की भ्रष्टाचार के आरोप में हुई गिरफ्तारी के खिलाफ लगातार धरने दिए जा रहे हैं। राजा वड़िंग द्वारा यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा सियासी बदलाखोरी के तहत आशु को फंसाया जा रहा है।
शनिवार शाम जब पत्रकारों ने राजा वड़िंग से खैरा द्वारा की दी गई सलाह पर प्रतिक्रिया मांगी तो राजा वड़िंग ने इतना ही कहा कि बिना मांगे सलाह देने से सम्मान कम होता है। इसके साथ ही उन्होंने धरना-प्रदर्शन को सही ठहराते हुए यह भी कहा कि अपने मित्र, अपने सहयोगी और अपनी पार्टी के नेता के साथ खड़े होना कुछ गलत नहीं है।