नवजोत सिद्धू द्वारा बनाई स्कीमों पर सवाल उठे हैं। इसलिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बड़ा फैसला लेते हुए मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा को सुझाव देने को कहा है। सिद्धू जब तक लोकल बॉडीज विभाग के मंत्री रहे, उस दौरान तैयार की गई स्कीमों की समीक्षा का काम मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस विभाग के नए मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा को सौंप दिया है।
मुख्यमंत्री ने अनाधिकृत निर्माण और नियमों का उल्लंघन करके बनाई गई इमारतों को नियमित करने संबंधी वनटाइम सेटलमेंट स्कीम पर सवाल उठाए। साथ ही नए स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा को मौजूदा स्कीमों पर नजरसानी करने और जरूरत के अनुसार उनमें बदलाव करने संबंधी सुझाव देने को कहा है, ताकि इन स्कीमों को और अधिक जन समर्थक बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से साफ हो गया है कि वे सिद्धू द्वारा बनाई गई स्कीमों से पूरी तरह सहमत नहीं थे और उनमें बदलाव व सुधार चाहते हैं। मंगलवार को अर्बन रिन्यूअल एंड रिफोर्मस कंसलटेटिव ग्रुप की पहली मीटिंग हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए कैप्टन ने शहरी स्थानीय संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्थानीय संस्थाओं को निर्देश दिए कि वह इन संस्थाओं को और ज्यादा शक्तियां देने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करें।
उन्होंने शहरी स्थानीय संस्थाओं को अधिक स्वायत्तता देकर किसी भी सार्वजनिक प्रोजेक्ट में शामिल विभिन्न विभागों के बीच बिना किसी अड़चन के तालमेल को यकीनी बनाने पर ज़ोर दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी शहरी स्थानीय संस्थाओं के वित्तीय और प्रशासकीय घटकों में आगे और सुधार लाने के लिए तुरंत कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
मीटिंग में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, पीडबल्यूडी मंत्री विजय इंदर सिंगला, खाद्य एवं सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु, आवास एवं शहरी विकास मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया, एसीएस उद्योग और वाणिज्य विन्नी महाजन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और डायरेक्टर स्थानीय निकाय करनेश शर्मा के अलावा सभी चार कॉरपोरेशन कस्बों के विधायक और मेयर उपस्थित थे।
प्रोजेक्टों में देरी के लिए निजी कंपनियों को कानूनी नोटिस
प्रोजेक्टों में देरी को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विभाग से कहा कि वह सभी सार्वजनिक प्रोजेक्टों को मुकम्मल करने में पिछड़ चुकी निजी कंपनियों को कानूनी नोटिस जारी करें। मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्टों को समय पर और पूरे मापदंड के साथ मुकम्मल कराने के लिए एक सिस्टम विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि प्रोजेक्टों के लिए दिए गए फंड के अधिक से अधिक प्रयोग को यकीनी बनाया जा सके।
तीन और शहरों को अमरुत स्कीम में लाने की तैयारी
अमरुत स्कीम के लिए अटल मिशन के तहत प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के तीन अन्य शहरों को इस स्कीम के तहत लाने के लिए वह जल्द ही केंद्र सरकार को एक पत्र लिखेंगे। उन्होंने विभाग से कहा कि वह पंजाब के सभी प्रमुख शहरों की जनसंख्या के अनुसार मापदंड तैयार करें और उनकी अन्य राष्ट्रीय शहरों की जनसंख्या के साथ तुलना करते हुए केंद्र के आगे मज़बूत केस रखने की तैयारी करे, ताकि केंद्र से विकास के लिए उचित फंड जारी करवाए जा सकें।
मेयरों ने ओटीएस नीति पर उठाए सवाल
मीटिंग के दौरान पटियाला कॉरपोरेशन के मेयर ने मुख्यमंत्री से विनती की कि वह ओटीएस नीति में मौजूदा कमियों को दूर करवाएं और इसे अधिक असरदार बनाएं, ताकि सभी दावेदारों में भरोसा पैदा किया जा सके। अमृतसर कॉरपोरेशन के मेयर ने भी इमारतों को सुरक्षित बनाने के लिए ओटीएस नीति के सभी घटकों की एकजुटता यकीनी बनाने की अपील की।
विशेष ग्रुप की हर महीने होंगी दो बैठकें
गौरतलब है कि इस महीने के शुरू में मुख्यमंत्री ने नौ विशेष ग्रुप गठित किए थे, जिन्हें सरकारी कार्यक्रमों में किसी भी तरह के बदलाव करने के लिए सुझाव देने का काम सौंपा गया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इनमें से शहरी कायाकल्प एवं सुधार कार्यक्रम और नशा विरोधी मुहिम का नियंत्रण अपने पास रखा है। मुख्यमंत्री ने एलान किया है कि ग्रुप की महीने में दो मीटिंग हुआ करेंगी, ताकि प्रोजेक्टों पर निरंतर निगरानी रखी जा सके।