नवजोत सिद्धू के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदंर सिंह अभी तक कोई फैसला नहीं ले सके हैं और उन्होंने एक शख्स को सिद्धू को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। कैप्टन ने संदीप संधू को सिद्धू को मनाने के लिए कहा है। इस्तीफा देने के बाद सिद्धू दिल्ली रवाना हो गए। उनके पीछे संदीप संधू भी गए हैं। संदीप संधू दिल्ली में ही सिद्धू को मनाने की कोशिश करेंगे।
इससे साफ जाहिर होता है कि कैप्टन सिद्धू के इस्तीफे को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह चंडीगढ़ जाकर सिद्धू के इस्तीफे को पढ़ेंगे और उसके बाद ही उस पर कोई फैसला लेंगे। लेकिन बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री दिल्ली से लौटे और अभी तक इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं ले पाए।
गौरतलब है कि नवजोत सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धू ने ट्वीट करके इस्तीफे की जानकारी दी थी। ट्विटर पर पोस्ट किए गए इस्तीफे पर दस जून की तारीख है, जो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को संबोधित किया गया है। इसमें लिखा है कि वह पंजाब कैबिनेट में मंत्री के पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी इस्तीफा भेजा।
दरअसल, छह जून को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंत्रिमंडल में फेरबदल करते हुए सिद्धू से स्थानीय निकाय और पर्यटन विभाग लेकर उन्हें ऊर्जा और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय दिया था। इसके दो दिन बाद सीएम ने सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए कुछ ग्रुप बनाए। लेकिन किसी भी ग्रुप में सिद्धू को जगह नहीं दी गई। विभाग बदलने से नाराज सिद्धू ने अब तक अपना कार्यभार नहीं संभाला था।
उन्होंने नौ जून को नई दिल्ली में राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से मुलाकात की। तब भी उन्होंने ट्वीट किया था कि कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र दिया है और हालात के बारे में जानकारी दी है। तब खबरें आईं कि राहुल ने अहमद पटेल को कैप्टन और सिद्धू के बीच चल रहा विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दी है। पिछले दिनों दिल्ली गए कैप्टन ने अहमद पटेल से मुलाकात भी की थी। हालांकि उन्होंने इसे शिष्टाचार मुलाकात ही बताया था।
सिद्धू पर लगातार यह दबाव बढ़ रहा था कि वह या तो कार्यभार संभालें या फिर इस्तीफा दें। विपक्षी दल तो हमले बोल ही रहे थे, सरकार के मंत्रियों ने भी कहना शुरू कर दिया था कि सिद्धू को अब कार्यभार संभालना चाहिए। सीएम को बिजली विभाग की बैठकें लेनी पड़ी थीं। आखिरकर सिद्धू ने राहुल से मुलाकात के अगले दिन दस जून को लिखा अपना इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया।