पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
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गेहूं की खरीद में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करेंगे। गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होनी है, लेकिन अब तक केंद्र सरकार ने कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) जारी नहीं की है। कैप्टन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी औपचारिक मुलाकात करेंगे।
लोकसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर ने अरुण जेटली को अमृतसर से हराया था। उसके बाद से दोनों नेता एक-दूसरे पर जुबानी हमले बोलते रहे हैं। अब पंजाब का सीएम बनने के बाद कैप्टन जेटली से मुलाकात करेंगे। इस बार 125 लाख टन गेहूं मंडियों में आने की उम्मीद है, जिसके लिए 22 से 25 हजार करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट केंद्रीय वित्त मंत्रालय को मंजूर करनी है। पिछले साल धान और गेहूं सीजन में केंद्र सरकार ने सीसीएल रोक ली थी।
केंद्र का कहना था कि पंजाब सरकार ने पुराना बकाया नहीं दिया है, जिसके कारण किसानों को काफी दिक्कत आई थी। खासकर धान सीजन में नोटबंदी का एलान भी हो गया था। इससे किसानों की पेमेंट काफी लेट हो गई थी। इसी को देखते हुए कैप्टन अमरिंदर ने जेटली से मिलने का फैसला किया है। राज्य स्तर पर सीएम एक दिन पहले ही सभी डिप्टी कमिश्नरों को गेहूं खरीद की निगरानी खुद करने के निर्देश दे चुके हैं।
डीसी होंगे लेबर-ट्रांसपोर्ट टेंडर कमेटी के चेयरमैन
पंजाब सरकार ने अकाली-भाजपा सरकार की ओर से किए लेबर व ट्रांसपोर्ट के टेंडरों को रद्द कर दिया है। इसी के साथ अब सभी डिप्टी कमिश्नरों को अपने जिले की लेबर व ट्रांसपोर्ट के टेंडर करने वाले कमेटियों का चेयरमैन बनाया है। पहले यह जिम्मेदारी फूड सप्लाई विभाग के छह डिप्टी डायरेक्टरों के पास होती थी, जिनके पास कुछ जिले होते थे। इस तरह सभी जिलों की टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में काफी समय लगता था। अब सभी डीसी टेंडर प्रक्रिया फाइनल करेंगे और एक ही दिन में पूरे पंजाब में टेंडरिंग हो जाएगी।