फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

31 हजार करोड़ कर्ज का मुद्दा पहुंचा दिल्ली दरबार, आज जेटली से मुलाकात

Thu, 20 Jul 2017 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
अरुण जेटली से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
विज्ञापन
पंजाब में कैश क्रेडिट लिमिट के 31 हजार करोड़ रुपये के बोझ को लेकर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह वीरवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलेंगे। वे उनसे इसका निपटारा करने की मांग करेंगे। इससे पहले कैप्टन इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं। सीएम, जेटली से मुलाकात के दौरान लंगर व प्रसाद को जीएसटी से मुक्त करने का मुद्दा भी उठाएंगे।
विज्ञापन


कैश क्रेडिट लिमिट में पंजाब सरकार और केंद्रीय खरीद एजेंसियों के आंकड़ों के बीच फर्क और उस पर ब्याज बढ़ कर पिछले साल 31 हजार करोड़ हो गया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने सीसीएल रोक दी थी। तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार की अपील पर केंद्र से इसे 20 साल के कर्ज में तब्दील कर दिया था।

कैप्टन ने कहा कि यह रकम केंद्र द्वारा उस पर लगाए अत्यधिक ब्याज का नतीजा है। अगले बीस साल तक पंजाब को हर वर्ष 3240 करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत पड़ेगी। यह सूबे की भलाई स्कीमों की लागत पर करना होगा। यह बोझ सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा अनुपातिक तौर पर वहन किया जाना चाहिए। 
विज्ञापन


 
Trending Videos
विज्ञापन

लंगर को जीएसटी से छूट देने के लिए लिखा पत्र :

अरुण जेटली से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
लंगर को जीएसटी से छूट देने के लिए लिखा पत्र :
सीएम ने कहा कि उन्होंने विभिन्न धार्मिक स्थानों में लंगर और प्रसाद को जीएसटी से छूट देने को जेटली को पत्र लिखा था। उन्हें याद दिलाया था कि मुफ्त लंगर की सेवा करने वाले गुरुद्वारों को सप्लाई की जाती वस्तुओं को वैट से छूट दी गई थी। पर इन पर जीएसटी लगा दिया गया है। प्रसाद पर भी जीएसटी लागू है। यह मंदिर, गुरुद्वारों, चर्च और मसजिदों सभी धार्मिक स्थानों पर लागू है। यह जायज नहीं है क्योंकि इन स्थानों की कोई आय नहीं है, ये दान से चलती हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें