पंजाब में नई सरकार के गठन के बाद यदि सबसे तेज काम किसी विभाग में होता दिख रहा है तो वह पंजाब पुलिस विभाग है। राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के मात्र 43 दिनों के भीतर पुलिस के छोटे-बड़े 392 अफसरों के ट्रांसफर कर दिए हैं, जिनमें कुछ अफसरों को अतिरिक्त जिम्मेवारियां सौंपी गई हैं। तबादलों और नियुक्तियों के बीच कई अफसरों को तो दो-तीन बार बदल दिया गया है, जबकि कई अफसरों के तबादला आदेश जारी करने के दो-तीन दिन में ही तबादला आदेश रद्द भी कर दिए गए।
खास बात यह है कि पूर्व सरकार के कई करीबी अफसरों को इस बार खुड्डे लाइन लगाने में परहेज नहीं किया गया है। पंजाब में बीते 16 मार्च को कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के गठन के साथ ही प्रदेश के डीजीपी को बदले जाने की अटकलें शुरू हुई थीं। मुख्यमंत्री ने डीजीपी पद पर तो कोई फेरबदल नहीं किया, अलबत्ता बाकी सभी उच्च पदों पर आसीन अधिकांश अफसरों को इधर-उधर कर दिया।
खास बात यह रही कि पुलिस विभाग में तबादलों की शुरुआत नशा तस्करी रोकने के लिए सरकार की ओर से गठित एसटीएफ के साथ हुआ। एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू को एसटीएफ की कमान सौंपने के बाद सरकार ने 29 मार्च को सात आईपीएस अधिकारियों का तबादला करते हुए उन्हें एसटीएफ में शामिल कर लिया। इसके अगले ही दिन पांच और आईपीएस अधिकारियों को बदल दिया गया।
एसटीएफ को मजबूत करने पर रहा सरकार का ध्यान
Captain Amarinder Singh
- फोटो : अमर उजाला
एक अप्रैल को सरकार ने मोहम्मद मुस्तफा, जीडी पांडे, सीएसआर रेड्डी, वीके भावरा, प्रबोध कुमार समेत 30 आईपीएस और 12 पीपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। 5 अप्रैल को एसटीएफ से एआईजी स्नेहदीप शर्मा को लुधियाना में एआईजी एसटीएफ लगा दिया गया और 6 अप्रैल को 5 अन्य पीपीएस अफसरों को एसटीएफ से जोड़ दिया गया। उधर, जालंधर जिला पुलिस में 10 अप्रैल को बड़ा फेरबदल करते हुए 16 एसएचओ बदल दिए गए।
इसके बाद, 11 अप्रैल को दो आईपीएस व सात पीपीएस बदले गए, जबकि 17 अप्रैल को 90 डीएसपी रैंक के अधिकारियों को बदल दिया गया। अगले ही दिन 11 पीपीएस बदले गए। 19 अप्रैल को सरकार ने पुलिस में निचले स्तर पर बड़े बदलाव को जारी रखते हुए डीएसपी/एसीपी स्तर के 70 अफसरों के ट्रांसफर कर दिए। खास बात यह रही कि इस तबादला सूची में कई नाम ऐसे थे, जिन्हें 17 अप्रैल को भी बदला गया था। इसी दिन तीन आईपीएस और नौ एसपी भी बदले गए।
एसटीएफ को मजबूत करने पर रहा सरकार का ध्यान
बीते 43 दिन में पुलिस विभाग में तबादलों की शुरुआत जहां नवगठित एसटीएफ में अधिकारियों को शामिल करने के उद्देश्य से हुई, वहीं महीने भर से जारी तबादलों के दौरान सरकार ने पुलिस विभाग के बेहतरीन रिकार्ड वाले अफसरों को एसटीएफ से जोड़ने पर अपना सारा ध्यान लगाए रखा। एसटीएफ के साथ जिन पीपीएस अफसरों को भी जोड़ा गया, उनका पिछला रिकार्ड भी जांचा गया। इस मामले में आला पुलिस अफसरों का कहना है कि सरकार एक माह में नशा तस्करी रोकने का अपना वादा पूरा करने के साथ ही राज्य की पूर्व सरकार के दौरान पुलिस पर राजनीतिक दबाव के मामलों को भी खंगाल रही है। इसी के चलते राज्य में पूरे पुलिस बंदोबस्त में परिवर्तन करने का फैसला लिया गया है।