उन्होंने कहा कि पंजाब इसमें अहम पक्ष है और देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। राज्य के किसानों की यह आशंका है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि राज्य के किसानों में विश्वास पैदा करने और शंकाओं को दूर करने के लिए भारत सरकार कदम उठाए।
कैप्टन ने दोहराई पंजाब की मांगें
- पराली प्रबंधन मुआवजे के तौर पर खरीदे गए धान पर प्रति क्विंटल 100 रुपये का बोनस दिया जाए।
- राज्य को वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) के तौर पर बायो मास बिजली प्रोजेक्टों के लिए वित्तीय सहायता के तौर पर प्रति मेगावाट पांच करोड़ रुपये और बायो मास सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्टों के लिए प्रति मेगावाट 3.5 करोड़ रुपये दिए जाएं।
- ऐसी एजेंसियां नामित की जाएं जो गेहूं और धान से होने वाली आय से मेल खाती एमएसपी पर खरीद करें, ताकि किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
- न्यूटरी /सिरियल, दाल, बागबानी, मछली पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को अपनाने के लिए राज्य सरकार की स्कीमों में केंद्र सरकार खुले दिल से वित्तीय मदद करे।
- मक्का के लिए कम कीमत समर्थन का एलान किया जाए, ताकि किसानों को अधिक पानी की लागत वाली धान की फसलों के चक्र से निकलने में मदद मिल सके।