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नड्डा का राहुल पर हमला गलवां घाटी मुद्दे पर नाकामी से ध्यान हटाने की कोशिश: कैप्टन

Tue, 07 Jul 2020 06:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा भारत-चीन गतिरोध के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी पर किए हमले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह गलवां घाटी में भारत सरकार की नाकामी से लोगों का ध्यान भटकाने का एक हताश प्रयास है। भाजपा अध्यक्ष के बयान को ध्यान भटकाने की रणनीति करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गलवां घाटी में लगातार और उपयुक्त जवाब देने में असफल रही भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अब राहुल गांधी पर निजी हमला कर लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। 

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उन्होंने कहा कि अकेले राहुल गांधी ही नहीं बल्कि पूरा देश उन सवालों का जवाब मांग रहा है। उन्होंने कहा कि अकेले हमारे सैनिक ही नहीं बल्कि सभी भारतीय जानना चाहते हैं कि 15 जून को गलवां घाटी में क्या गलत हुआ? कैप्टन ने कहा कि वास्तव में राहुल गांधी उनके (मुख्यमंत्री) साथ लंबे समय से चीन के मुद्दे पर विचार-विमर्श करते रहे हैं और इस मामले को लेकर चिंता भी जाहिर की। 


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वहीं केंद्र सरकार गलवान में किसी भी प्रकार के गतिरोध से पूरी तरह इंकार कर रही है। क्षेत्र में कोई घुसपैठ न होने के प्रधानमंत्री के ताजा बयान पर बोलते हुए कैप्टन ने पूछा कि चीन भारतीय इलाके में दाखिल हुए बिना अब वापस कैसे जा रहा है? इसी तरह के सवाल राहुल गांधी द्वारा पूछे गए थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन सवालों का जवाब देने की बजाय अब भी इससे इंकार कर रही है।

नड्डा द्वारा राहुल गांधी पर देश का मनोबल कम करने और सशस्त्र बलों की बहादुरी पर उंगली उठाने के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सांसद वास्तव में देश और हमारी सेनाओं के हितों की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर दूसरे भारतीय की तरह राहुल गांधी को सरकार से सवाल पूछने का हक है और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे यह यकीनी बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि हम दोबारा ऐसी स्थिति से न गुजरें और हमारे सैनिकों की कीमती जानों की अनावश्यक बलि न देनी पड़े, जैसे कि गलवां में हुआ।

कैप्टन ने स्टैंडिंग कमेटी वाले बयान पर नड्डा को घेरा
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की यह कहकर आलोचना की थी कि उन्होंने रक्षा संबंधी स्टैंडिंग कमेटी की एक मीटिंग में भी हिस्सा नहीं लिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी लड़ाई के मैदान से संबंधित जमीनी फैसले नहीं करती। उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी यह फैसला नहीं करती कि सैनिकों को सरहद पर जरुरी हथियारों और गोला-बारूद के साथ भेजना है या नहीं। उन्होंने कहा कि कमेटी इस स्थिति पर भी कोई नीतिगत फैसला नहीं करती कि सैनिक हथियार चलाएं या न चलाएं।

स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें लाभप्रद नहीं: कैप्टन
सांसद के रूप में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान रक्षा संबंधी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य के तौर पर अपने तजुर्बे का हवाला देते हुए कैप्टन ने कहा कि साजो-सामान/खरीद की कमी से संबंधित जो भी मसले इन बैठकों में उठाए जाते हैं, किसी भी रूप में लाभप्रद साबित नहीं होते।
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पाक व चीन को पांच साल इंतजार करने को कहें: कैप्टन

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में शामिल होकर गोला-बारूद की कमी का मुद्दा उठाया था। तब उनको बताया गया कि समस्या को पांच साल में हल कर लिया जाएगा। कैप्टन ने चुटकी लेते हुए कहा था, ‘‘क्या पाकिस्तान और चीन को पांच साल के लिए इंतजार करने को कह दें?’’

कारगिल जंग के दौरान महंगा गोला-बारूद खरीदा
कैप्टन ने बताया कि कारगिल जंग के दौरान भी भारत ने इजराइल और दक्षिण अफ्रीका जैसे मुल्कों से अधिक कीमत पर गोला-बारूद खरीदा था। उन्होंने कहा कि असलहे की काफी देर से चली आ रही कमी से निपटने के लिए सैनिक अभ्यास बारूद का प्रयोग करने को मजबूर हैं। उन्होंने इन बैठक को ‘चेहरा दिखाई’ वाला मंच बताया, जहां विचार-विमर्श से कोई ठोस नतीजे नहीं निकलते।
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