मुख्यमंत्री ने पंजाब की भाजपा लीडरशिप से पूछा कि क्या आप सचमुच यह सोचते हो कि कई महीनों से बिना किसी बात के किसानों के प्रति बदजुबानी करो और उनके अधिकारों को मटियामेट करने के बाद आप बच सकते हो। दुनिया में कोई भी राजनीतिक लीडरशिप अपने ही नागरिकों के हितों को नकार कर लंबे समय तक टिकी नहीं रही और कृषि कानूनों के रूप में भाजपा ने अपना भविष्य खुद ही तय किया है।
किसानों से निवाला छीनकर सोचते हैं किसान स्वागत करेंगे
कैप्टन ने कहा कि आपने (भाजपा) अपने सहयोगी और अकालियों जैसी पूर्व सहयोगी पार्टी के साथ मिलकर उन किसानों के मुंह से निवाला छीनने की साजिश रची, जो आपका पेट भरते हैं। अब आप चाहते हो कि यह किसान हार पहनाकर आपका स्वागत करें।
हरियाणा में मनोहर लाल भी कर रहे विरोध का सामना
कैप्टन ने कहा कि किसान भाजपा से नाराज हैं और भाजपा नेताओं पर अपना गुस्सा निकालने के मौके देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन नेताओं के दौरे के दौरान पुलिस की ज्यादा तैनाती न की जाती तो हालात सचमुच खतरनाक हो सकते थे। जब भी भाजपा के नेता चुनाव प्रचार के लिए जाते हैं तो पंजाब पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में मुलाजिम तैनात किए जाते हैं। यह किसानों की भाजपा के प्रति नाराजगी है कि भाजपा के मनोहर लाल, जो हरियाणा सरकार और पुलिस को कंट्रोल करते हैं, को अपने मीटिंग वाले स्थान पर विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ता है।