मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली खुद को सिख धर्म और समुदाय के हितों के रखवाले होने का दावा करता है तो इन्हें इस मसले पर स्टैंड लेना चाहिए और अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल को अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल को तुरंत केंद्रीय मंत्री के तौर पर इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए। कैप्टन ने कहा कि कुछ घटनाओं से चाहे यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि भारत में सिख सुरक्षित नहीं हैं लेकिन धारणा का महत्व भी हकीकत जितना ही महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में सिख बहुत काले दौर में से गुजरे हैं और इस तरह का कोई भी एहसास उनमें फिर डर की भावना पैदा करेगा जो समुदाय के हितों के साथ-साथ मुल्क के लिए घातक सिद्ध होगा। कैप्टन ने कहा कि सिखों के बहुसंख्यक वाले राज्य का मुख्यमंत्री होने के नाते उन्होंने हमेशा इस बात को यकीनी बनाया है कि न सिर्फ पंजाब में बल्कि अन्य राज्यों में भी समुदाय के हितों की रक्षा की जाये।
अकाली दल अल्पसंख्यक मुद्दे पर स्पष्ट स्टैंड ले: कैप्टन
नागरिकता संशोधन एक्ट के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल की पाखंडबाजी का जिक्र करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकालियों को कहा कि वह ऐसे मामलों पर दोहरे खेल खेलने की बजाय भारत में अल्पसंख्यकों से संबंधित मामलों पर स्पष्ट स्टैंड लें। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है कि उनको यह एहसास हुआ है कि वह केंद्र में गठजोड़ का हिस्सा बने रहना जारी नहीं रख सकते क्योंकि केंद्र सरकार मुल्क में अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रही है परंतु फिर भी इन अल्पसंख्यकों के रक्षक होने का दावा करते हैं।