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अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में केंद्र सरकार नाकाम, एनडीए से नाता तोड़े अकाली दलः कैप्टन

Wed, 08 Jan 2020 12:49 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा भारत में सिखों के महफूज न होने संबंधी की गई टिप्पणी पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए जत्थेदार साहिब से अपील की है कि वे अकालियों पर केंद्र के सत्ताधारी गठजोड़ के साथ सभी नाते तोड़ने के लिए दबाव डालें क्योंकि मुल्क में अल्पसंख्यकों के बीच सुरक्षा की भावना को यकीनी बनाने में केंद्र सरकार नाकाम रही है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही वह खुद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब के इस कथन से सहमत नहीं हैं कि भारत में सिख सुरक्षित नहीं हैं लेकिन यदि जत्थेदार इस बात को महसूस करते हैं तो उन्हें यह मामला शिरोमणि अकाली दल के पास उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जत्थेदार साहिब अकालियों को केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से गठजोड़ का संबंध तोड़ने के लिए कहें। 

कैप्टन ने कहा कि पाकिस्तान के उलट भारत को हमेशा ही एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र होने का गर्व रहा है और यहां धार्मिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सिखों के मन में यह भावना पाई जा रही है कि वह यहां सुरक्षित नहीं हैं तो यह बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि इस मुल्क में सिख अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जैसे कि श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है, तो इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है जिसे कटघरे में खड़ा किया जा सकता है।

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फिर से सिखों के मन में डर की भावना पैदा होगी : सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली खुद को सिख धर्म और समुदाय के हितों के रखवाले होने का दावा करता है तो इन्हें इस मसले पर स्टैंड लेना चाहिए और अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल को अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल को तुरंत केंद्रीय मंत्री के तौर पर इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए। कैप्टन ने कहा कि कुछ घटनाओं से चाहे यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि भारत में सिख सुरक्षित नहीं हैं लेकिन धारणा का महत्व भी हकीकत जितना ही महत्वपूर्ण होता है। 

उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में सिख बहुत काले दौर में से गुजरे हैं और इस तरह का कोई भी एहसास उनमें फिर डर की भावना पैदा करेगा जो समुदाय के हितों के साथ-साथ मुल्क के लिए घातक सिद्ध होगा। कैप्टन ने कहा कि सिखों के बहुसंख्यक वाले राज्य का मुख्यमंत्री होने के नाते उन्होंने हमेशा इस बात को यकीनी बनाया है कि न सिर्फ पंजाब में बल्कि अन्य राज्यों में भी समुदाय के हितों की रक्षा की जाये।

अकाली दल अल्पसंख्यक मुद्दे पर स्पष्ट स्टैंड ले: कैप्टन
नागरिकता संशोधन एक्ट के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल की पाखंडबाजी का जिक्र करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकालियों को कहा कि वह ऐसे मामलों पर दोहरे खेल खेलने की बजाय भारत में अल्पसंख्यकों से संबंधित मामलों पर स्पष्ट स्टैंड लें। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है कि उनको यह एहसास हुआ है कि वह केंद्र में गठजोड़ का हिस्सा बने रहना जारी नहीं रख सकते क्योंकि केंद्र सरकार मुल्क में अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रही है परंतु फिर भी इन अल्पसंख्यकों के रक्षक होने का दावा करते हैं।
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