वहीं पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह ने इसे राज्य के लोगों को बेहतर सेहत सुविधाएं उपलब्ध करने वाला कदम बताया। इस दौरान पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के चेयरमैन अमरदीप सिंह चीमा, विधायक बलविंदर सिंह लाड्डी, संतोख सिंह भालीपुर, चीफ सेक्रेटरी हेल्थ अनुराग अग्रवाल, स्पेशल प्रिंसिपल सेक्रेटरी गुरकीरत कृपाल सिंह, एमडी एनआरएचएम अमित कुमार, स्पेशल सेक्रेटरी हेल्थ पुनीत गोयल, डीसी मोहाली गिरीश दयालन, एसएसपी मोहाली कुलदीप चहल भी मौजूद थे।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पेप्सी के प्लांट को दी थी अनुमति, इसलिए योजना उन्हें समर्पित
सीएम ने योजना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को समर्पित करते हुए कहा कि पंजाब में पहले मल्टीनेशनल प्रोजेक्ट को मंजूरी देने में राजीव गांधी की भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि तब मैं पंजाब का कृषि मंत्री था और पेप्सी के प्लांट को स्थापित करने के लिए पीएमओ को प्रस्ताव भेजा था जो राज्य में विविधीकरण के लिए महत्वपूर्ण योजना थी। आठवें दिन मुझे एक मैसेज मिला कि पीएम मुझसे मिलना चाहते हैं और उन्होंने परियोजना को मंजूरी दे दी।
उन्होंने यह भी बताया कि इसमें 20.43 लाख स्मार्ट राशन कार्ड धारक परिवारों सहित सामाजिक-आर्थिक जनगणना के अनुसार 14.86 लाख परिवारों को रजिस्टर्ड किया गया है। इसी तरह 4.94 लाख जे फार्म धारक किसान परिवारों को, 2.8 लाख छोटे किसान परिवारों को और 2.38 लाख रजिस्टर्ड लेबर को इस योजना का लाभ दिया गया है।
वहीं राज्य के 46000 छोटे व्यापारियों के साथ ही राज्य के मान्यता प्राप्त व येलो कार्ड होल्डर करीब 4500 पत्रकारों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना का कुल खर्च 333 करोड़ होगा। इसमें राज्य का हिस्सा 83 प्रतिशत है, जो 276 करोड़ रुपए बनता है। वहीं भारत सरकार राज्य को 57 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी।
ई-कार्ड के लिए सीएसएसी या अरोग्य मित्र से कर सकते हैं संपर्क
आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी सरबत सेहत बीमा योजना के तहत अपनी लाभपात्रता को वेबसाइट पर जाकर जांच सकते हैं। लाभपात्री अपना ई-कार्ड बनवाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से संपर्क कर सकते हैं या फिर लिस्टिड प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में आरोग्य मित्र से भी संपर्क कर सकते हैं। ई-कार्ड जारी करवाने के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, छोटे व्यापारियों के लिए व्यक्तिगत पैन कार्ड व मजदूरों के लिए रजिस्टर्ड लेबर कार्ड जरूरी है। इस योजना के संबंध में अधिक जानकारी लेने के लिए टोल फ्री नंबर 104 पर भी संपर्क किया जा सकता है।