प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा लाए कृषि संबंधी अध्यादेशों पर राय बनाने के लिए 24 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि ये किसानों के हितों के खिलाफ हैं इसलिए राज्य के लिए पूरी तरह असहनीय हैं। यह एमएसपी के दौर का भी अंत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मीटिंग के दौरान पैदा हुई सहमति के आधार पर एक पत्र भारत सरकार को भेजकर यह अध्यादेश तुरंत वापस लेने की मांग की जाएगी।
फेसबुक के लाइव प्रोग्राम ‘कैप्टन को सवाल’ की 7वीं कड़ी के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की तरफ से लाए गए किसान विरोधी अध्यादेशों पर तुरंत विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने भरोसा जताया कि पंजाब की सभी राजनीतिक पार्टियां इन अध्यादेशों के रद्द करने के लिए एकमत होंगी, क्योंकि यह अध्यादेश जहां किसानों को एमएसपी के सहयोग का खात्मा करेंगे, वहीं मंडी बोर्ड को भी प्रभावहीन बना देंगे।
राज्य को 3600 करोड़ का होगा नुकसान
अमरिंदर ने कहा कि केंद्र सरकार के एक अध्यादेश द्वारा मंडी कृषि उत्पाद मंडी कमेटी (एपीएमसी) के एकाधिकार को खत्म करने के कदम से मंडी बोर्ड को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचेगा। जिससे मार्केट फीस और ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) के रूप में 3500 से 3600 करोड़ रुपये की आय होती है।
उन्होंने कहा कि इस नुकसान से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास बुरी तरह प्रभावित होगा। यह पैसा बोर्ड की तरफ से सड़कें और लिंक सड़कें विकसित करने और अन्य बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्टों पर खर्च किया जाता है। पंजाब के किसानों ने भारत की खाद्य सुरक्षा में बहुत अहम योगदान दिया है, उनके हितों के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री को लिख चुके हैं पत्र
उल्लेखनीय है कि इस सप्ताह की शुरुआत में कैप्टन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इन अध्यादेशों पर फिर से गौर करने की मांग की थी। इन अध्यादेशों के मुताबिक, एपीएमसी एक्ट के अंतर्गत स्थापित की कृषि मंडियों की निर्धारित सीमाओं से बाहर कृषि उत्पाद बेचने की इजाजत देना, जरूरी वस्तुएं एक्ट के अधीन बंदिशों में ढील देना और कांट्रेक्ट फार्मिंग को आसान बनाना शामिल हैं।