कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सियासी नेताओं, पत्रकारों, कारोबारियों, वैज्ञानिकों, संवैधानिक अधिकारियों और दूसरे व्यक्तियों के निजी फोन की हैकिंग की निंदा करते हुए कहा कि यह न सिर्फ निजता पर शर्मनाक हमला है, बल्कि केंद्र सरकार की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि भारत को बदनाम करने की वैश्विक साजिश रची गई है। एनडीए सरकार स्पष्ट तौर पर इसका हिस्सा बनी। केंद्र सरकार ने यह जघन्य पाप किया है और इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे संसद के अंदर और बाहर पेगासस जासूसी का मामला उजागर हुआ है, यह केंद्र सरकार की तरफ से भारत की लोकतांत्रिक शासन प्रणाली पर हैरान कर देने वाला हमला है, जिसने इस घिनौनी कार्रवाई से राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी मुखबरी जो इजराइली कंपनी द्वारा केंद्र सरकार की हरी झंडी के बिना नहीं की जा सकती। इसमें अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, सरकारों और संगठनों के हाथ में संवेदनशील जानकारी दे दी है, जिसका भारत के खिलाफ दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर ही नहीं बल्कि हमारे देश की सुरक्षा पर भी हमला है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने और एनडीए सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार इससे बच नहीं सकती। उन्होंने एक जघन्य पाप किया है और इनको इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि किसी को अपने लोगों के जीवन में दखल देने का अधिकार नहीं है, जैसे कि इस सरकार ने किया है। लोगों को अपना जीवन आजादी के साथ जीने देना चाहिए।
कैप्टन ने कहा कि इससे पहले विश्व के किसी भी हिस्से में किसी सरकार ने अपनी संस्थाओं और लोगों की सुरक्षा और हिफाजत को इस ढंग के साथ दांव पर नहीं लगाया था। ऐसा लगता है कि भारत को निशाना बनाने के लिए वैश्विक साजिश रची गई है जिसमें एनडीए सरकार स्पष्ट तौर पर हिस्सा बनी।