उधर, बैठक के बाद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मीडिया को बताया कि केंद्रीय नेताओं के साथ उनकी बैठक सकारात्मक रही। पंजाब सरकार के प्रयासों से बुलाई गई इस बैठक के दौरान एमएसपी समेत किसानों की अन्य मांगों को तथ्यात्मक रूप से रखा गया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, जिस पर केंद्रीय मंत्रियों ने अगले दो दिन में इस संबंध में दोबारा बैठक कर निष्कर्ष निकालने की बात कही। इसके साथ ही डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि 13 फरवरी से पहले अगर केंद्र सरकार किसानों की मांगों को पूरा करती है तो वह अपना आंदोलन वापस लेंगे अन्यथा आंदोलन होगा।
बैठक में किसान संगठनों की ओर से भाकियू (सिद्धपुर) के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल, भाकियू (क्रांतिकारी) के डॉ. जरनैल सिंह, भाकियू (लोंगोवाल) के दिलबाग सिंह हरिगढ़, केएमएससी के कन्वीनर स्वर्ण सिंह पंधेर, भाकियू (खोसा) के प्रधान सुखजिंदर सिंह खोसा, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान सुखजीत सिंह, भाकियू (नौजवान) हरियाणा के प्रधान अभिमन्यु कोहाड़, प्रगतिशील किसान फ्रंट यूपी के प्रधान गुरवनीत सिंह और भाकियू (शहीद भगत सिंह) हरियाणा पंचकूला यूनिट के प्रधान तेजवीर सिंह ने हिस्सा लिया।
किसानों की ये प्रमुख मांगें
- स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग
- किसानों और खेत मजदूरों की कर्जमाफी की मांग
- लखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ और आशीष मिश्रा की जमानत रद्द कर सभी दोषियों को सजा की मांग
- लखीमपुर खीरी कांड में घायल सभी किसानों को वादे के मुताबिक 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
- किसान आंदोलन के दौरान दर्ज केस रद्द करने की मांग
- पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी