फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: भगवंत मान के हस्तक्षेप से केंद्र और किसानों के बीच कई मुद्दों पर बनी सहमति, अभी होंगी और बैठकें

Thu, 08 Feb 2024 10:59 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

किसानों के दिल्ली कूच से पहले चंडीगढ़ में तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ अहम बैठक हुई। इस बैठक में कई मांगों पर सहमति बन गई है। सीएम भगवंत मान ने बैठक के बाद जानकारी दी है कि अभी और बैठकों का आयोजन किया जाएगा। उधर, किसान संगठनों ने कहा कि अगर 13 फरवरी से पहले केंद्र किसानों की मांगों को मान लेता है तो वह अपना आंदोलन वापस ले लेंगे।  
विज्ञापन
बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के साथ सीएम भगवंत मान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ में गुरुवार रात पंजाब के सीएम भगवंत मान, तीन केंद्रीय मंत्री और किसान नेताओं के बीच बैठक हुई। बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी लेकिन किसान संगठन अपने 13 फरवरी के घोषित दिल्ली कूच पर फिलहाल कायम हैं और उन्होंने केंद्रीय नेताओं को अगले दो दिन में एमएसपी समेत बाकी मांगों पर केंद्र का रुख साफ करने को कहा है। इसके बाद 13 फरवरी के आंदोलन के बारे में किसान संगठन फैसला लेंगे।

विज्ञापन


चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान परिसर में गुरुवार शाम मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री मान ने मीडिया को बताया कि बैठक बड़े अच्छे माहौल में हुई और इस दौरान किसानों व केंद्रीय मंत्रियों के बीच कई मांगों पर सहमति भी बन गई है। हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और किसानों के बीच यह बैठक का पहला दौर था और इस तरह की और बैठकें भी होंगी। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि किसानों ने केंद्रीय मंत्रियों के सामने अपनी मांगें रखी हैं और केंद्रीय मंत्रियों ने उनका समाधान करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन के दौरान विभिन्न राज्यों में किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, नकली बीज और नकली स्प्रे बनाने वाली कंपनियों को कड़ी सजा देने की मांगों पर सहमति बन गई है। इसके अलावा पराली, एमएसपी समेत कई अन्य मुद्दों पर भी बैठक के दौरान चर्चा हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, बैठक के बाद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मीडिया को बताया कि केंद्रीय नेताओं के साथ उनकी बैठक सकारात्मक रही। पंजाब सरकार के प्रयासों से बुलाई गई इस बैठक के दौरान एमएसपी समेत किसानों की अन्य मांगों को तथ्यात्मक रूप से रखा गया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, जिस पर केंद्रीय मंत्रियों ने अगले दो दिन में इस संबंध में दोबारा बैठक कर निष्कर्ष निकालने की बात कही। इसके साथ ही डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि 13 फरवरी से पहले अगर केंद्र सरकार किसानों की मांगों को पूरा करती है तो वह अपना आंदोलन वापस लेंगे अन्यथा आंदोलन होगा।

बैठक में किसान संगठनों की ओर से भाकियू (सिद्धपुर) के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल, भाकियू (क्रांतिकारी) के डॉ. जरनैल सिंह, भाकियू (लोंगोवाल) के दिलबाग सिंह हरिगढ़, केएमएससी के कन्वीनर स्वर्ण सिंह पंधेर, भाकियू (खोसा) के प्रधान सुखजिंदर सिंह खोसा, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान सुखजीत सिंह, भाकियू (नौजवान) हरियाणा के प्रधान अभिमन्यु कोहाड़, प्रगतिशील किसान फ्रंट यूपी के प्रधान गुरवनीत सिंह और भाकियू (शहीद भगत सिंह) हरियाणा पंचकूला यूनिट के प्रधान तेजवीर सिंह ने हिस्सा लिया।

किसानों की ये प्रमुख मांगें

  • स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग
  • किसानों और खेत मजदूरों की कर्जमाफी की मांग
  • लखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ और आशीष मिश्रा की जमानत रद्द कर सभी दोषियों को सजा की मांग
  • लखीमपुर खीरी कांड में घायल सभी किसानों को वादे के मुताबिक 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
  • किसान आंदोलन के दौरान दर्ज केस रद्द करने की मांग
  • पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी
 

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें