आप के नवनिर्वाचित विधायकों पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की टिप्पणी का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजवा जीवन भर मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए तरसते रहे और अब जब नए चेहरों ने सत्ता की बागडोर संभाली है तो उन्हें हजम नहीं हो रहा है। भगवंत मान ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है लेकिन मुझे हर बात का जवाब देना आता है।
मैं सोचता था कि अभी क्या बोलना है लेकिन यह 'डूमने ते डला मार देते हैं' (मधुमक्खी के छत्ते पर पत्थर मार देते हैं)। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से कहा कि आप लोगों को मेरी आलोचना करनी है तो मेरे कामों पर मेरी आलोचना करो। जब काम में कमियां नहीं निकाल पा रहे तो इधर-इधर की बातें क्यों कर रहे हो।
विपक्षी दलों के नेताओं को पंजाबियों के मन से उतर चुके नेताओं की मंडली बताते हुए भगवंत मान ने कहा कि जब इन्हें सरकार में कोई कमी नजर नहीं आती तो मुद्दाहीन हुए यह लोग निजी तौर पर दुश्मनी पर उतर आते हैं। अब इनके चिट्ठे बाहर निकलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं हर बात सार्वजनिक करूंगा। यह लोग जालंधर में इकट्ठे हो जाएं या फिर मोहाली में इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
सिद्धू इतना नीचे गिरे, लोग हैरान हैं: मान
भगवंत मान ने नवजोत सिद्धू को आड़े हाथों लिया और कहा कि अपने ऊंचे चरित्र पर गर्व करने वाला यह राजनेता अपने धुर विरोधी बिक्रम मजीठिया को जफ्फी में लेकर इतना नीचे गिर गए कि पंजाब के लोग भी हैरान रह गए। मान ने कहा कि दरअसल यह दोनों नेता आप की विधायक जीवनजोत कौर से हारे हैं, इसलिए अपना बचा-खुचा सियासी वजूद बचाने के लिए जफ्फियां डालने को मजबूर हो गए हैं।