नाकामी पूछनी है तो हरियाणा और मणिपुर से पूछिए
सत्र में जब उनसे पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हम डेढ़ साल से सरकार में हैं। सारे गैंगस्टर डेढ़ साल में पैदा नहीं हुए। पहले की सरकारों ने ही उन्हें पाला। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के सवाल पर मान ने कहा कि इस मामले में सरकार कामयाब रही। हमने अमृतपाल को जेल में डाला। कोई खून-खराबा नहीं हुआ। नाकामी पूछनी है तो हरियाणा से पूछिए, मणिपुर से पूछिए। वहां कौन फेल रहा है। नूंह में क्या हो रहा है। रामनवमी के दौरान पंजाब में कोई बवाल नहीं होता।
लॉ एंड ऑर्डर ठीक नहीं होता तो इन्वेस्टर्स पंजाब में क्यों आते। श्री आनंदपुर साहिब सिखों के पांच तख्तों में से एक है लेकिन वहां के सांसद मनीष तिवारी हैं। फरीदकोट में सिर्फ 15 हजार मुस्लिम आबादी है, वहां के सांसद मोहम्मद सद्दीक हैं। पंजाब के लोग भाईचारे को पसंद करते हैं। यही पंजाब की असली ताकत है। पंजाब की जमीन पर हर बीज उगेगा लेकिन मैं पंजाब में नफरत का बीज नहीं उगने दूंगा।
राज्य सरकारों को कमजोर कर रहा केंद्र
दिल्ली सेवा बिल को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मान ने कहा कि यह लोकतंत्र बचाने का सवाल है। यह सिर्फ दिल्ली का बिल नहीं है। केंद्र सरकार पहले भी कई बार ऐसा कर चुकी है। केंद्र राज्य सरकारों को लगातार कमजोर करने में लगा है। मान ने कहा कि दिल्ली बिल पर लोकसभा में गृह मंत्री ने कहा है कि दिल्ली विधानसभा नहीं है तो मैं उनसे यह पूछना चाहता हूं कि वह पहले वहां पर्ची क्यों बांट रहे थे। इस बिल के कानून बनने के बाद दिल्ली का चपरासी भी बदलना हो तो पीएम से परमिशन लेनी होगी। यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी नहीं मानते।