मुख्यमंत्री ने कहा कि हो सकता है कि चन्नी को बताए बिना उनके भांजे-भतीजे ऐसे काम करते रहे हों, तभी तो उनके घरों से 8-8 करोड़ रुपये निकलते रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि जब वह धर्मशाला में क्रिकेट मैच देखने पहुंचे तब उस खिलाड़ी ने सारे मामले की जानकारी दी। यह खिलाड़ी आईपीएल में पंजाब किंग्स से खेल रहा है।
भगवंत मान ने कहा कि खिलाड़ी ने पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह से नौकरी का आग्रह किया था लेकिन कैप्टन ने नौकरी नहीं दी। इस बीच मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार जल्द ही यह मामला विजिलेंस को सौंप दिया जाएगा ताकि इस बात का खुलासा हो सके कि रिश्वतखोरी में चन्नी और उनके भांजे के बीच क्या साठगांठ रही है? गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेज गेंदबाज के रूप में पहचान बनाने वाले पंजाब के इस क्रिकेटर ने आरोप लगाया था कि नौकरी दिलाने के एवज में उनसे दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। यह क्रिकेटर जब रिश्वत की रकम नहीं दे सका तो चन्नी सरकार ने उन्हें नौकरी भी नहीं दी।