पंजाब सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। कैबिनेट ने सब कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए 25 हजार कच्चे कर्मचारी पक्के करने का रास्ता साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पहले चरण में 8736 अध्यापक पक्के करने की घोषणा कर दी है। उधर, कालेज और विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों-कर्मियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की एलान भी वीडियो संदेश के माध्यम से कर दी है। सूबे के करीब 20 हजार प्राध्यापकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सरकारी कॉलेजों में अध्यापकों की कमी को पूरी करने के लिए गेस्ट फैकल्टी की भर्ती भी की जाएगी।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में गठित सब-कमेटी ने 25 हजार कच्चे मुलाजिमों को विभिन्न चरणों में पक्का करने की सिफारिश रिपोर्ट में की है। इसे लागू करने से राज्य सरकार पर करीब 400 करोड़ रुपये का सालाना बोझ पड़ेगा। सोमवार को ही सब-कमेटी की रिपोर्ट को लागू करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब में अध्यापक दिवस के मौके पर शिक्षा विभाग के 8736 अध्यापकों को पक्का करने का एलान कर दिया। इसके बाद सरकार सेहत विभाग के 6000 अस्थायी मुलाजिमों को पक्का करेगी, फिर परिवहन और बिजली विभाग के कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही बोर्ड और कार्पोरेशन के मुलाजिमों का भी नंबर आएगा।
दस साल सेवाकाल वाले होंगे नियमित, अलग कॉडर बनेगा
कैबिनेट सब-कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में उन मुलाजिमों को पक्का करने की सिफारिश की है, जिनका कच्चे कर्मचारी के रूप में कार्यकाल 10 साल का हो चुका है। सब-कमेटी ने ऐसे मुलाजिमों का अलग कॉडर बनाने का सुझाव देते हुए कहा है कि कच्चे मुलाजिमों के सिलसिले में प्रत्येक विभाग के लिए अलग नीति बनाई जानी चाहिए। इसके अलावा, जिन मुलाजिमों को पक्का किया जाएगा, उन्हें सरकारी नौकरी के तय नियमों के अनुसार 3 साल तक बेसिक वेतन दिया जाएगा।
एक अक्तूबर से नया वेतनमान, 17 से 22 प्रतिशत तक बढ़ेगी सेलरी
अध्यापक दिवस के मौके पर पंजाब सरकार ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में आगामी 1 अक्तूबर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का 7वां वेतन आयोग लागू करने का एलान किया है। इससे वेतन में 17 से 22 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। वेतन पांच से 10 हजार रुपये बढ़ जाएगा। सीएम ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के स्टाफ की तरफ से लंबित सातवां वेतन आयोग लागू करने की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि पहले से पढ़ा रहे गेस्ट अध्यापकों के वेतन-भत्ते भी सम्मान योग्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये टीचर 18-20 साल से शिक्षा दे रहे हैं और सरकार ने इनके भत्तों को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। अध्यापक दिवस को अपने जीवन का खास दिन बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं खुद अध्यापक का पुत्र हूं, जिस कारण मेरे लिए आज का दिन विशेष महत्व रखता है। माता-पिता के बाद बच्चे की सकारात्मक सृजना में सबसे अहम भूमिका अध्यापक की होती है, जो विद्यार्थी जीवन में बच्चे का मार्गदर्शन करता है।
सरकारी स्कूल की छात्राओं को मिलेगी परिवहन सुविधा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सरकारी स्कूल की छात्राओं के लिए परिवहन सुविधा शुरू करने का एलान किया। मुख्यमंत्री ने विरासत-ए-खालसा में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह के दौरान शिक्षकों को बधाई देते हुए यह घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने 65 शिक्षकों और नौ प्रशासकों को उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। मान ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित करेगी। इस मौके पर उन्होंने परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण छात्राओं में स्कूल छोड़ने की समस्या का निराकरण करते हुए राज्य भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए शटल बस सेवा (स्थानीय बस सेवा) शुरू करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। उसे चाहिए कि वह उनकी बुनियादी जरूरतों जैसे परिवहन, भोजन, बुनियादी ढांचा आदि का ध्यान रखे। राज्य में परिवहन सुविधा के अभाव में लड़कियों के बीच ड्रॉपआउट दर बहुत अधिक है, इसलिए हमने इस घटना को रोकने के लिए राज्य की प्रत्येक छात्रा को यह सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है।