मलोट में शनिवार को भाजपा विधायक अरुण नारंग पर संघर्षरत किसानों द्वारा हमला किए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चेतावनी दी कि राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इसके साथ ही कैप्टन ने किसानों से भी अपील की कि वे ऐसे हिंसा वाले कार्यों में शामिल न हों। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि कानून व्यवस्था की स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए किसानों के मसलों का जल्द से जल्द हल करें। मुख्यमंत्री ने राज्य के डीजीपी दिनकर गुप्ता को उन अपराधियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जो विधायक को बचाने की कोशिश कर रहे पुलिस कर्मियों से भी भिड़ गए थे।
इस घटनाक्रम के दौरान पीपीएस गुरमेल सिंह (एसपी मुख्यालय, फरीदकोट) भी विधायक को विरोध करने वाली भीड़ से बचाने की कोशिश करते हुए घायल हो गए हैं। उनके सिर पर लाठी से प्रहार हुआ, जिससे उनकी पगड़ी भी उतर गई। उन्हें मलोट के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार और बीते चार महीनों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे किसानों के बीच जारी तनाव के दौरान, पंजाब के कई हिस्सों में शनिवार को भाजपा नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध करना किसानों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक पर हमले को रोकने का प्रयास करते हुए घटनास्थल से पुलिस ने अन्य भाजपा नेताओं को सुरक्षित निकाला है। तनाव को हल करने के लिए प्रधानमंत्री के तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी भी तरह की देरी से आंदोलनकारी किसानों के बीच अशांति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि किसान अब 4 महीने से सड़कों पर हैं, वहीं केंद्र सरकार द्वारा मसला सुलझाने के लिए कोई कदम नहीं उठाने के संकेत के कारण किसानों में गुस्सा बढ़ रहा है।
हमलावरों पर आपराधिक केस दर्ज: डीजीपी
डीजीपी ने बताया कि विधायक और पुलिस अधिकारियों पर हमला करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाजपा नेता का बयान रिकार्ड कर लिया गया है और उसके आधार पर इस मामले में संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
इस्तीफा मांगने की बजाए केंद्र पर दबाव बनाएं भाजपा नेता - कैप्टन
भाजपा विधायक पर हमले की घटना को लेकर मुख्यमंत्री से इस्तीफे की पंजाब भाजपा नेताओं द्वारा की गई मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कैप्टन ने कहा कि इस घटना से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने के बजाय, भाजपा नेताओं को विवादास्पद कानून वापस लेने के लिए अपने केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के बीच पैदा हुए गुस्से के बारे में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया जाना चाहिए, जिसने पंजाब में इस कांग्रेस की चाल के रूप में प्रचारित करते किसानों के मुद्दे से देश को भटकाने की कोशिश की है।
ब्रह्म मोहिंदरा ने नारंग पर हमले की निंदा की
पंजाब के स्थानीय निकाय और संसदीय मामलों के मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने अबोहर से भाजपा विधायक अरुण नारंग पर मलोट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि से सार्वजनिक स्थल मारपीट की घटना शर्मनाक और अति निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा, क्योंकि पंजाब सरकार किसी को भी हिंसा के ऐसे कार्यों की अनुमति नहीं देगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने की हमले की कड़ी भर्त्सना
पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह ने भाजपा विधायक अरुण नारंग पर हमले की कड़ी भर्त्सना की है। शनिवार को जारी एक बयान में स्पीकर ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि अत्यधिक निंदनीय है कि लोगों का एक निर्वाचित प्रतिनिधि निर्दयता से सार्वजनिक स्थल पर पीटा गया है। उन्होंने आगे कहा कि हम किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं का उद्देश्य किसानों के आंदोलन को बदनाम करना और उसे कमजोर करना है।