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संकल्प 2020: कैप्टन बोले- तरक्की की नई इबारत लिखेगा पंजाब, वित्तीय संकट से उभरना चुनौती

Wed, 01 Jan 2020 10:17 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नए साल 2020 के लिए राज्य के लोगों को बधाई देते हुए भरोसा जताया है कि नया साल पंजाब के सर्वपक्षीय विकास और तरक्की का नया अध्याय लिखेगा। मुख्यमंत्री ने नए साल में राज्य के सर्वपक्षीय विकास के लिए प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील भी की है लेकिन राज्य की मौजूदा आर्थिक हालत फिलहाल यही संकेत दे रही है कि राज्य में नया साल भी सरकार और जनता के लिए कठिनाईयों भरा रह सकता है।
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सरकार कर्ज के बोझ तले दबी है और केंद्र सरकार से उसे अपेक्षित मदद भी नहीं मिल रही। खजाने की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि राज्य सरकार ने बीत रहे साल के दौरान 8202 करोड़ रुपये पूराने कर्जों का ब्याज के रुप में चुका दिए और मौजूदा खर्च चलाने के लिए बाजार से 8212 करोड़ रुपये का नया कर्ज भी उठा लिया। जाहिर है, पुराने कर्जों के ब्याज के साथ-साथ नए साल में नए कर्ज के लिए भी ब्याज चुकाना होगा।

खत्म हो रहे साल के दौरान राज्य सरकार वित्तीय संकट का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ती रही है क्योंकि केंद्र से उसे न तो समय पर जीएसटी शेयर की राशि मिली और न ही जीएसटी मुआवजे की राशि। इस दौरान राज्य में जीएसटी की आमदनी में 5 फीसदी की बढ़ोतरी तो हुई लेकिन  भ्रष्टाचार ने सरकार को राज्य के करों और गैर कर राजस्व से होने वाली आय में लगातार घाटा होता रहा।
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वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के टेक्स रेवन्यू और नान टेक्स रेवन्यू में 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। यानी, केंद्र से जीएसटी शेयर मिलने में तो देरी हो रही है जबकि अपने साधनों से आमदन घटती जा रही है। इसका सीधा असर जनकल्याण और विकास की योजनाओं पर पड़ा है। इसी माह केंद्र सरकार ने अगस्त और सितंबर माह के लिए 4100 करोड़ रुपये के जीएसटी बकाया के एवज में पंजाब को 2228 करोड़ रुपये जारी किए। लेकिन बाकी बचे पैसे के ?अलावा अक्तूबर और नवंबर माह का जीएसटी शेयर अभी तक केंद्र के पास है।

वित्तीय संकट से निकलना सबसे बड़ी चुनौती

पंजाब सरकार ने लिए वर्ष 2020 के दौरान राज्य को वित्तीय संकट के उभारना सबसे बड़ी चुनौती रहेगा। तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार का अब तक कार्यकाल आर्थिक तंगी से ही जूझता रहा है। हालांकि सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि जनता से किए सभी वादे पूरे किए गए हैं लेकिन कांग्रेस के चुनाव मैनिफेस्टों में दर्ज कई वादे आज भी पेंडिंग हैं। इसके लिए प्रदेश में मूलभूत ढांचा विकास की अनेक योजनाएं भी अधर में हैं।

अनेक केंद्र पोषित योजनाओं में भी राज्य सरकार द्वारा अपना हिस्सा डालना मुश्किल हो चुका है। साल दर साल आम बजट में राज्य सरकार आमदनी के जो लक्ष्य निर्धारित करती रही है, वह सारे धराशाही होते रहे हैं। राज्य सरकार को वर्ष 2018-19 के दौरान अपने साधनों से 45181 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जो वर्ष 2019-20 के दौरान 42496 करोड़ रुपये पर सिमट जाने की आशंका है। नवंबर 2019 तक टैक्स रेवन्यू और नान टेक्स रेवन्यू का कुल आंकड़ा 4580 करोड़ रुपये की कमी दर्शा रहा है।

वहीं, राज्य सरकार पर कर्ज का बोझ 2.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसके लिए अब हर महीने ब्याज में ही टैक्स राशि का बड़ा हिस्सा चला जाता है। प्रदेश को जीएसटी से आमदनी के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो वित्त मंत्री के अनुसार, वर्ष 2019-20 के पहले पांच महीनों के दौरान जीएसटी से उगाही  में 44 फीसदी की कमी आई है जबकि देशभर में गिरावट का यह औसत 21 फीसदी ही है।

मजबूत रहेगा कैप्टन का सियासी पलड़ा

बीत रहे साल के दौरान, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पंजाब में बेहतरीन प्रदर्शन ने जहां मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का पार्टी आलाकमान के सामने कद और ऊंचा किया, वहीं राज्य के भीतर भी उन्हें पार्टी के किसी सीनियर नेता के चुनौती नहीं मिली। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ  विवाद में भी आलाकमान ने अंतिम फैसला कैप्टन का ही माना।

वैसे, बोर्ड-निगमों में सियासी नियुक्तियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और विधायकों के बीच विरोधी स्वर उभरने लगे थे, जिन्हें दिसंबर समाप्त होने तक ही कैप्टन ने संभालते हुए धड़ाधड़ नियुक्तियां कर डाली हैं। इससे पहले कुछ विधायकों को उन्होंने अपना सलाहकार नियुक्त करते हुए उन्हें कैबिनेट और राज्य मंत्री का दर्जा देकर शांत कर दिया है।

इन हालात में कैप्टन को नए साल में भी किसी सियासी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। दूसरी ओर विपक्ष में अकाली दल द्वारा, बरगाड़ी और बहबल कलां कांड के आरोपों से निकलने के सारे प्रयास फिलहाल विफल रहे हैं और अकाली दल में पड़ी फूट नए साल में शिअद को बादल परिवार की पार्टी तक समेट सकती है।

इसके अलावा, आम आदमी पार्टी अंदरूनी टूट फूट के चलते भले ही कमजोर दिखाई दे रही है लेकिन हाल ही में कांग्रेस के कुछ पूर्व सीनियर नेताओं द्वारा आप के सुर में सुर मिलाए जाने से इस बात को बल मिला है कि आम आदमी पार्टी पंजाब में अंदरखाते सियासी दिग्गजों को अपने साथ जोड़ने की मुहिम में जुटी है।
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कैप्टन ने पंजाब वासियों को दी नए साल की बधाई

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को नए साल की पूर्व संध्या पर पंजाब को प्रगतिशील, शांत, सद्भावना भरपूर और सुरक्षित बनाए रखने के वायदे के साथ राज्य निवासियों को नए साल 2020 की बधाई दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों का आह्वान किया कि वह धर्म निरपेक्षता, प्रभुसत्ता, सांप्रदायिक सद्भावना और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए इकठ्ठा होकर पूरे जोश से काम करने की वचनबद्धता के साथ नए साल 2020 का स्वागत करें।

उन्होंने साथ ही लोगों से अपील की कि वह सर्वपक्षीय विकास के साथ पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने का भी प्रण करें जिससे विकास का लाभ ज़मीनी स्तर पर नजऱ आए। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों के लिए ख़ुशी और ख़ुशहाली वाला नया साल होने की कामना करते हुए इस बात पर विश्वास जताया कि आने वाला साल पंजाब के सर्वपक्षीय विकास और तरक्की में नया अध्याय लिखेगा।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने आशा अभिव्यक्त की कि समुची दुनिया के लोग पहले सिख गुरू श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं पर चलेंगे जिनका 550वां प्रकाश पर्व हाल ही में पूरी धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को सिख धर्म के संस्थापक द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना चाहिए जिससे राष्ट्रीय एकता, शान्ति, प्यार और धार्मिक सहनशीलता को और मज़बूत किया जा सके।
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