मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेश के बाद रविवार को गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के जीवन और अपराधों पर बनी फिल्म ‘शूटर’ के प्रदर्शन पर रोक लगा दी। बैन के कुछ घंटों बाद ही पंजाब पुलिस ने निर्माता/प्रमोटर केवी सिंह ढिल्लों, इसके कलाकारों और अन्यों के खिलाफ हिंसा, घृणित अपराध, गैंगस्टर कल्चर, नशा, फिरौती, लूट, धमकियों और ऐसे अन्य अपराधों को उत्साहित करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि एसएसओसी मोहाली में आईपीसी की धारा 153, 153 ए, 153 बी, 160, 107, 505 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक यह फिल्म नौजवानों को हथियार उठाने के लिए उकसा सकती है और शांति व सद्भावना को भंग कर सकती है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को निर्माता केवी ढिल्लों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है। ढिल्लों ने 2019 में लिखित वादा किया था कि वह सुक्खा काहलवां टाइटल के तहत फिल्म नहीं बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी को यह भी कहा है कि वह फिल्म के प्रमोटरों, डायरेक्टर और कलाकारों की भूमिका की भी जांच करें। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि उनकी सरकार ऐसे किसी फिल्म-गाने आदि को चलाने की आज्ञा नहीं देगी, जो अपराध, हिंसा और गैंगस्टर या राज्य में अपराध को बढ़ावा दे। कैप्टन ने पुलिस को इसे यकीनी बनाने का निर्देश दिया है।
बैठक के बाद किया गया फैसला : डीजीपी
इस बीच डीजीपी ने बताया कि पंजाब में विवादित फिल्म पर पाबंदी के मामले पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग की गई जिसमें एडीजीपी इंटेलीजेंस वरिंदर कुमार भी उपस्थित थे। इसका ट्रेलर 18 जनवरी को रिलीज हुआ है। मीटिंग में कहा गया कि यह फिल्म बहुत ही हिंसक है। एडीजीपी ने कहा कि यह देखते हुए कि फिल्म का नौजवानों पर बुरा प्रभाव हो सकता है, इस पर बैन लगाने का फैसला किया गया।
मोहाली पुलिस को मिली थी शिकायत
मोहाली पुलिस को इस फिल्म के जरिये गैंगस्टर सुक्खा काहलवां की छवि हीरो के तौर पर पेश करने की शिकायत मिली थी। काहलवां के खिलाफ कत्ल, अपहरण और फिरौती समेत 20 से अधिक केस दर्ज हैं। उसे 22 जनवरी, 2015 को जालंधर में सुनवाई के लिए पटियाला जेल से लाया जा रहा था, तभी गैंगस्टर विक्की गौंडर और उसके साथियों ने उसे मार दिया था।
निर्माता ने फिल्म न बनाने का किया था लिखित वादा
फिल्म के निर्माता केवी ढिल्लों ने मोहाली के एसएसपी को लिखे पत्र में कहा था कि अगर आपका यह मानना है कि इस फिल्म से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है तो वह इस प्रोजेक्ट को बंद कर देगा। डीजीपी के अनुसार फिल्म निर्माता ने ऐसा नहीं किया। अब 21 फरवरी को फिल्म के नए टाइटल और किरदारों के नए नाम से उसी फिल्म को रिलीज किया जा रहा था।
दस दिन में तीसरी कार्रवाई
आपत्तिजनक गीतों-फिल्मों पर पुलिस और सरकार की पिछले 10 दिन में यह तीसरी कार्रवाई है। पहली कार्रवाई मानसा पुलिस ने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला और दूसरी मनकीरत औलख पर की थी। दोनों के खिलाफ सोशल मीडिया पर हिंसा और अपराध का प्रचार करने के आरोप थे।
नशे और हिंसा आधारित गीतों पर हाईकोर्ट ने भी लगाई है रोक
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के डीजीपी को निर्देश दिए थे कि यह यकीनी बनाया जाए कि कोई ऐसा गाना किसी लाइव शो के दौरान चलने न दिया जाए जो शराब, नशे और हिंसा को बढ़ावा देता हो। अदालत ने हर जिले के जिला मजिस्ट्रेट/एसएसपी को निर्देश दिए थे कि इन आदेशों का सख्ती से पालन करने की उनकी निजी जिम्मेदारी है।