सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों पर अमल करके पंजाबी इस बार ग्रीन दिवाली मनाने में आगे रहे। इसलिए चंडीगढ़ और हरियाणा की तुलना में पंजाब में प्रदूषण इस बार कम ही रहा। पंजाब पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से पंजाब के छह विभिन्न शहरों की एयर क्वालिटी मापने के लिए किए गए विश्लेषण में ये तथ्य उभर कर सामने आए हैं। यहां तक कि पंजाब ने चंडीगढ़ और हरियाणा को भी पछाड़ दिया।
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पंजाब में वायु गुणवत्ता सूचकांक औसतन 234 जबकि चंडीगढ़ में 261 और हरियाणा में 390 रहा। पीपीसीबी के मेंबर सेकेट्री करुणेष गर्ग ने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना, जालंधर, खन्ना, अमृतसर और पटियाला में लगाए गए एयर क्वालिटी मापने वाले यंत्रों का डाटा बताता है कि इस साल पंजाब की एयर क्वालिटी सूचकांक औसतन 234 रहा, जबकि पिछले साल औसतन 328 था।
इस साल पिछले साल की तुलना में एयर क्वालिटी 29 प्रतिशत कम प्रदूषित रही। एयर की क्वालिटी में आए सुधार को उत्साहजनक बताते हुए बोर्ड के चेयरमैन प्रोफेसर एसएस मरवाहा ने बताया कि पिछले वर्षों के दौरान दिवाली के त्योहार मौके पर पटाखों के जलाने से हो रहे वायु प्रदूषण के संबंध में सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर फैलाई जा रही जागृति मुहिम ने अपने नतीजे दिखाने शुरू किए हैं।
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ग्रीन पटाखों का असर
वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि पिछले साल पंजाब का पर्टीकुलेट मैटर यानी धूल के कण (पीएम) 10 औसतन 430 और पीएम 2.5 औसतन 225.63 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जबकि इस साल यह औसत क्रमवार 277 और 126 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकार्ड की गई। पीएम 10 में 36 प्रतिशत और पीएम 2.5 में 44 प्रतिशत तक आई गिरावट जहां एक उत्साहजनक संकेत है,
वहीं इस प्राप्ति का सेहरा स्कूलों, कालेजों और अन्य वातावरण प्रेमियों के सिर जाता है, जिन्होंने इन पटाखों को छोड़कर ग्रीन दिवाली मनाने को तरजीह दी। चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों का पालन करके ग्रीन दिवाली मनाने के लिए पंजाबियों के आगे रहने को सकारात्मक रूझान बताते हुए आगे से भी पंजाब की आबोहवा की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए सभी पंजाबियों से सहयोग की अपील की।
हरियाणा में इन शहरों की ऐसी बिगड़ी आबोहवा
air pollution
- फोटो : PTI
दिवाली के अगले दिन प्रदेश के कई जिलों की आबोहवा काफी खराब रही। वायु का गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। जबकि दिवाली वाली राहत हालात और खराब थे। ब्रीजो मीटर वेबसाइट के अनुसार, वीरवार को फतेहाबाद जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 475, बहादुरगढ़ का 451, सिरसा का 403, पानीपत का 403, झज्जर का 400, हिसार का 354, भिवानी का 352, जींद का 397, अंबाला का 305, करनाल का 337 और सोनीपत का 422 दर्ज किया गया।
एयर क्वालिटी इंडेक्स
पंजाब 234
चंडीगढ़ 261
हरियाणा 390
पिछली दिवाली के मुकाबले ज्यादा, तारीख के मुकाबले कम प्रदूषण
air pollution
- फोटो : डेमो
यदि पिछली दीपावली से तुलना की जाए तो इस बार हवा का स्तर ज्यादा खराब रहा है जबकि पिछले वर्ष 19 अक्तूबर की सात नवंबर से तुलना की जाए तो कम रहा है। यह दिलचस्प तर्क पर्यावरण डिपार्टमेंट की ओर से दिया गया है। डिपार्टमेंट के निर्देशक व आईएफएस देबिंदर दलाई ने बताया कि पिछली बार दीपावली पर सेक्टर 22, 17 और 12 का एयरक्वालिटी इंडेक्स क्रमश: 240, 137 और 247 था, जबकि इस बार 311, 177 और 297 रहा है।
उनके मुताबिक इस बार प्रदूषण का स्तर बढ़ने के पीछे तापमान की कमी ने अहम भूमिका निभाई है। पिछले साल दीपावली 19 अक्तूबर को थी, उस दिन रात आठ बजे तापमान 23.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि इस बार दिवाली करीब 18 दिन देरी से आई है। इससे रात के तापमान में कमी आई है। डिपार्टमेंट के मुताबिक सात नवंबर को रात आठ बजे तापमान करीब 16.6 डिग्री दर्ज किया गया।
तापमान में कमी के कारण वायुमंडलीय सतह की ऊंचाई घटती है। इससे प्रदूषण के कण नीचे रहते हैं। इस वजह से इस दिवाली प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहा है। अब बात तारीखों की तुलना की। पिछले साल सात नवंबर को सेक्टर-17 में प्रदूषण का स्तर 362 व सेक्टर-12 में 306 था, जबकि इस बार सेक्टर -17 में प्रदूषण का स्तर 177 व सेक्टर-12 में 297 था। विभाग ने तारीखों का तर्क देते हुए कहा कि इस बार प्रदूषण कम हुआ है।