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शहीद की विधवा नहीं करना चाहती नौकरी तो बच्चे के लिए रख सकती आरक्षित, पढ़ें- पंजाब कैबिनेट के फैसले

Mon, 11 Jan 2021 10:57 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब कैबिनेट। - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब मंत्रिमंडल ने सोमवार को युद्ध नायकों और उनके आश्रितों को नौकरी देने संबंधी नीति में संशोधन करने को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने यह मंजूरी मौजूदा नीति के तहत शहीद या दिव्यांग सैनिकों के आश्रितों को नौकरी हासिल करने में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए दी है। इस संशोधन के तहत शहीद की विधवा खुद नौकरी हासिल करने की इच्छा नहीं रखती तो उस हालत में अपने नाबालिग बच्चे के लिए नौकरी आरक्षित रख सकेगी। 

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इस संबंध में राज्य सरकार की नीति 19 अगस्त, 1999 को नोटिफाई की गई थी, जिससे राज्य सरकार शहीद या दिव्यांग सैनिक के अतुल्य बलिदान के संदर्भ में उसके एक आश्रित पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया करवा सके। सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि समय बीतने के साथ इस नीति में संशोधन की तत्काल जरूरत महसूस की गई। 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने 14 फरवरी, 2020 को शहीदों के आश्रितों, जिन्हें नियुक्ति पत्र दिए गए थे, के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान यह मामले मुख्यमंत्री के ध्यान में लाए गए थे, जिस पर इन्हें पहल के आधार पर हल करने का भरोसा दिया था। नीति में संशोधन के बाद शहीद की विधवा यदि खुद नौकरी हासिल करने की इच्छा नहीं रखती तो इस हालत में उसके नाबालिग बच्चे के लिए नौकरी आरक्षित रखने की इजाजत होगी। 
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इस नीति में एक अन्य उपबंध भी किया गया है कि शहीदों की विधवाओं, जो गंभीर वित्तीय मुश्किलों के कारण ग्रुप-डी के पदों की नौकरी करने के लिए मजबूर थीं, को शैक्षिक योग्यता बढ़ाने के मुताबिक ग्रुप-सी की नौकरी की इजाजत होगी। इन संशोधनों के साथ शहीदों द्वारा दिखाई गई बहादुरी के सम्मान में सरकार द्वारा आश्रितों को मुहैया करवाए जा रहे लाभ को हासिल करने का रास्ता साफ होगा।

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पंजाब एकमुश्त निपटारा स्कीम-2021 को मंजूरी

कोविड-19 की मुश्किल घड़ी में व्यापारिक समुदाय खासकर छोटे और मध्यम वर्गीय कारोबारियों को राहत देते हुए पंजाब मंत्रिमंडल ने सोमवार को ‘पंजाब वनटाइम सैटलमेंट स्कीम-2021’ को मंजूरी दे दी, ताकि कारोबारी अपने लंबित बकाए का भुगतान और निपटारा कर सकें। एकमुश्त निपटारा स्कीम के लागू होने से सरकारी खजाने पर 121.06 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा। 

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह योजना 1 फरवरी, 2021 से पूरे राज्य में लागू की जाएगी। इसके तहत सभी कारोबारी, जिनकी असेसमेंट्स 31 दिसंबर, 2020 तक की जा चुकी है, वह 30 अप्रैल तक इस स्कीम के तहत अप्लाई कर सकते हैं। इसके साथ ही कारोबारी कानूनी फॉर्म जैसे सी-फॉर्म भी जमा करवा सकता है, जोकि असेसमेंट के समय एप्लीकेशन फॉर्म के साथ नहीं दिया गया और कारोबारी को सेल्फ-असेसमेंट करनी होगी और निपटारे के नतीजे के तौर पर देने योग्य मूल टैक्स की अदायगी के सबूत जमा करवाने होंगे। 

संबंधित वार्ड इंचार्ज निपटारे का आदेश जारी करेगा, जिसे किसी भी तरह की समीक्षा या संशोधन के तौर पर दोबारा नहीं खोला जाएगा। एकमुश्त निपटारा स्कीम के लागू होने से साल 2013-14 के लिए की गई असेसमेंट में, एक लाख रुपये तक की मांग वाले 40,000 से अधिक कारोबारियों को टैक्स में 90 प्रतिशत की छूट और ब्याज एवं जुर्माने में 100 प्रतिशत की राहत मिलेगी। उनको बकाया टैक्स की 10 प्रतिशत अदायगी और ब्याज एवं जुर्माने की जीरो कीमत अदा करने की जरूरत होगी। साल 2013-14 के लिए की असेसमेंट में एक से पांच लाख की मांग वाले 4755 कारोबारियों को ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत की राहत मिलेगी। 
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