पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि आज की कैबिनेट की मीटिंग में खेतीबाड़ी नीति को लेकर चर्चा हुई। इस नीति के तहत भू जल स्तर को लेकर चर्चा हुई। चीमा ने कहा प्रदेश में जल स्तर काफी नीचे चला गया है। इसके लिए नहरी पानी को एक बड़ा विकल्प बनाया जा रहा है।
पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होते ही वीरवार को हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीन बड़े फैसले लिए। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने पंजाब में पेट्रोल पर 61 पैसे और डीजल पर 92 पैसे वैट बढ़ाने का फैसला लिया है।
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उन्होंने दावा जताया कि इस वृद्धि के बावजूद हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की कीमतों के मुकाबले पंजाब में पेट्रोल-डीजल के दाम कम रहेंगे। दूसरे अहम फैसले में सरकार ने सात किलोवाट तक के कनेक्शन पर सब्सिडी वापस ले ली है। इस फैसले के कारण सात किलोवाट तक के बिजली उपभोक्ताओं को दोगुनी सब्सिडी मिल रही थी।
वित्तमंत्री ने बताया कि सात किलोवाट तक के कनेक्शन वाले बिजली उपभोक्ता सरकार की 300 यूनिट प्रति माह की निशुल्क बिजली के साथ तीन रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी का भी लाभ उठा रहे थे। इन उपभोक्ताओं को अब यह सब्सिडी नहीं मिलेगी। अब पूरे प्रदेश में केवल 300 यूनिट प्रति माह निशुल्क बिजली का ही सबको लाभ मिलेगा।
नए ट्रांसपोर्ट वाहन पर 20% तक छूट, पुराने एक साथ जमा करा सकेंगे एक साल का टैक्स
कैबिनेट में तीसरा अहम फैसला ट्रांसपोर्टरों को लेकर हुआ। नए ट्रांसपोर्ट वाहन खरीदने पर 4 साल का इकट्ठा टैक्स जमा कराने पर ट्रांसपोर्टरों को टैक्स में 10 प्रतिशत की और आठ साल का टैक्स एकसाथ जमा कराने पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सीएम मान ने पुराने ट्रांसपोर्ट वाहनों के चालकों को भी राहत दी है। अब तक पुराने ट्रांसपोर्ट वाहनों के ट्रांसपोर्टर अपना टैक्स जमा कराने के लिए ट्रांसपोर्ट दफ्तर के चक्कर लगाते रहते थे। उन्हें हर तिमाही पर ट्रांसपोर्ट कार्यालय आकर वाहन का टैक्स जमा कराना पड़ता था, लेकिन कैबिनेट में यह निर्णय लिया गया है कि अब पुराने ट्रांसपोर्टर एक साल का टैक्स एकसाथ जमा करा सकेंगे।