पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक 14 जनवरी को बुलाई गई है। इस बैठक का आयोजन 16-17 जनवरी को बुलाए जा रहे पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के मद्देनजर किया जा रहा है। बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान सदन में पेश किए जाने वाले विभिन्न बिलों और अन्य कामकाज की रूपरेखा पर फैसले लिए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार कैबिनेट की बैठक में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर भी चर्चा होगी और इसे निरस्त करने पर फैसला लिया जाएगा। बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शुरू से ही इस कानून का विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही एससी-एसटी आरक्षण जारी रखने को लेकर संविधान बिल (126वां संशोधन), 2019 में संशोधन संबंधी विधानसभा में लाया जाने वाले प्रस्ताव को भी मूर्तरूप दिया जाएगा।
प्रदेश की शामलात भूमि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए देने संबंधी प्रस्ताव पर भी मंगलवार को कैबिनेट मुहर लगा सकता है। इस संबंध में राज्य सरकार के सभी विभाग प्रमुखों, बोर्ड-निगमों के पदाधिकारियों को जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि विधानसभा सत्र को ध्यान में रखते हुए अगर किसी भी विभाग का अध्यादेश, जिसे बिल के रूप में तबदील करने की जरूरत है, के अलावा अगर किसी विभाग द्वारा कोई नया बिल पेश किया जाना है तो उस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के बाद ज्ञापन आम राज प्रबंध विभाग (मंत्रिमंडल मामले शाखा) को तुरंत भेज दिए जाएं, ताकि इन्हें 14 जनवरी को होने वाले मंत्रिमंडल की बैठक में पेश किया जा सके।
इस पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मंत्रिमंडल की बैठक का एजेंडा जारी होने के बाद किसी भी विभाग का कोई भी ज्ञापन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर किसी विभाग को अपना एजेंडा मंत्रिमंडल की बैठक में पेश करना है तो प्रबंधकीय विभाग द्वारा इस मामले में मुख्यमंत्री से लिखित मंजूरी लेनी होगी।