मुख्यमंत्री प्रकाश सिहं बादल के मंत्रिमंडल में आज तीन नए मंत्री शामिल हो गए। राज्यपाल शिवराज पाटिल पंजाब ने राजभवन में जत्थेदार तोता सिंह, डॉ. दलजीत सिंह चीमा और सोहन सिंह ठंडल को कैबिनेट मंत्रियों के रूप में शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सोमवार सुबह इन तीनों शिअद विधायकों के नामों की सूची राज्यपाल को भेजी थी, जिस पर उन्होंने सहमति जता दी थी।
इन तीनों के मंत्री बनने से मुख्यमंत्री बादल और उप मुख्यमंत्री सहित पंजाब के मंत्रियों की कुल संख्या 18 हो गई है।
इस वजह से छोड़ना पड़ा था मंत्री पद
जत्थेदार तोता सिंह, बीबी जगीर कौर तथा सरवण सिंह फिल्लौर के इस्तीफों की वजह से तीन पद खाली पड़े थे। तोता सिंह व जगीर कौर के इस्तीफे तो 2012 में गठबंधन सरकार के शपथ लेने के कुछ समय बाद ही हो गए थे, जबकि फिल्लौर ने हाल ही में पद छोड़ा।
तोता सिंह को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के वाहन का दुरुपयोग करने के मामले में मोहाली अदालत ने एक साल की सजा सुनाई थी, जबकि जगीर कौर को उनकी अपनी ही बेटी की मौत के मामले में पांच साल की सजा हुई थी।
अब कुछ समय पहले ड्रग तस्करी मामले में फिल्लौर के बेटे का नाम उछला। इन तीनों के इस्तीफों की यही वजह रही। मंगलवार को यह तीनों पद भरने जा रहे हैं।
तोता सिंह का मामला हाईकोर्ट में
तोता सिंह व ठंडल दोनों के ही नाम पहले भी अलग-अलग मामलों में सजा मिलने की वजह से सुर्खियों में रहे हैं। जत्थेदार तोता सिंह का मामला इस वक्त हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जबकि ठंडल सजा से बरी हो चुके हैं।
जत्थेदार तोता सिंह को मोहाली अदालत से मिली सजा के मामले में पक्की जमानत मिल चुकी है। इस सजा के खिलाफ उनकी अपील 2012 से ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में विचाराधीन है। यहीं उल्लेखनीय है कि तोता सिंह के खिलाफ शिक्षा बोर्ड भर्ती से संबंधित एक अन्य मामला भी मोहाली अदालत में चल रहा है।
वहीं, सोहन सिंह ठंडल को भ्रष्टाचार के एक मामले में 2011 में मोहाली अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई थी, लेकिन 2012 में वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था।
पहले भी रहे हैं अहम पदों पर
मंगलवार को शपथ लेने वाले तीनों ही शिअद नेता पहले भी पार्टी व सरकार में अहम पदों पर रह चुके हैं। तोता सिंह 1997 की बादल सरकार में शिक्षा मंत्री, जबकि मौजूदा सरकार में कृषि मंत्री (बाद में इस्तीफा) रह चुके हैं।
डॉ. दलजीत सिंह चीमा वर्ष 2002 से अब तक शिअद के प्रवक्ता चले आ रहे हैं तथा 2007 में बनी अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के वक्त मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सलाहकार थे।
वहीं, सोहन सिंह ठंडल इससे पहले प्रदेश के राज्य मंत्री रह चुके हैं और इस वक्त सरकार में मुख्य संसदीय सचिव हैं।