पंजाब में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर महीने भर से चल रही अटकलों पर विराम लगने का समय आ गया है। जुलाई के दूसरे हफ्ते में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी कैबिनेट का विस्तार करने वाले हैं।
यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों से मिली। पता चला है कि जिन विधायकों को मंत्री बनाया जाना है, उनके नाम तय हो चुके हैं और इस विस्तार के बारे में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुख्यमंत्री की बातचीत हो चुकी है। हालांकि जुलाई के दूसरे हफ्ते में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कैप्टन एक बार फिर राहुल गांधी से मिलने वाले हैं।
कैप्टन बीते तीन जून को जब दिल्ली में राहुल से मिले थे, तभी कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज हो गई थी। मुख्यमंत्री ने उस समय यह कहकर टाल दिया था कि जब भी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, मीडिया को बता दिया जाएगा। लेकिन उन दिनों मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास पर विधायकों की चहलपहल से संकेत मिलने लगे थे कि मुख्यमंत्री पर जल्द कैबिनेट विस्तार के लिए दबाव बनाया जा रहा है। राहुल से उनकी मुलाकात को इसी संदर्भ में देखा गया था। इसके बाद पंजाब विधानसभा के मध्य जून में होने वाले बजट सत्र ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। बजट सत्र समाप्त होते ही कैबिनेट विस्तार की चर्चा फिर से शुरू हो गई है।
इन विधायकों को मिल सकता है मंत्री पद
Punjab Cabinate meeting
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मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट का विस्तार जुलाई के दूसरे हफ्ते में किए जाने की तैयारी है और नए मंत्रियों के नाम भी तय हो चुके हैं। कैप्टन की कैबिनेट में मंत्रियों के सात पद खाली हैं। कांग्रेस की परंपरा के अनुसार, किसी भी कांग्रेस शासित राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम मुहर पार्टी आलाकमान द्वारा ही लगाई जाती है। संभवत: मुख्यमंत्री कैबिनेट विस्तार से पहले राहुल गांधी से इस संदर्भ में फिर से मुलाकात करेंगे और उन्हें नए मंत्रियों के नामों की अंतिम सूची सौंपेंगे।
सूत्रों के अनुसार, जिन विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है, उनमें पहला नाम गीदड़बाहा से विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का है। ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग और संगरूर से विधायक विजय इंदर सिंगला, राहुल गांधी के काफी करीब हैं और उनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है। इनके अलावा, गुरु हरसहाय से विधायक राणा गुरमीत सिंह, अमृतसर वेस्ट से विधायक और प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजकुमार वेरका, मोहाली के विधायक बलबीर सिंह सिद्धू और अमृतसर सेंट्रल से विधायक ओपी सोनी के नाम हैं। वैसे, फतेहगढ़ साहिब से विधायक कुलजीत सिंह नागरा, डेरा बाबा नानक से सुखजिंदर सिंह रंधावा और टांडा उड़मुड़ के संगत सिंह गिलजियां की पिछले महीने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास पर आवाजाही लगातार बनी रही है।