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कोरोना वायरस: पंजाब सरकार का निर्णय- इलाज से मना करने वाले निजी अस्पतालों के लाइसेंस होंगे रद्द

Sun, 05 Apr 2020 10:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब कैबिनेट - फोटो : फाइल फोटो
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कुछ निजी अस्पतालों द्वारा अपनी सेवाएं बंद करने को गंभीरता से लेते हुए पंजाब मंत्रिमंडल ने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सीएम ने सुझाव दिया कि स्वास्थ्य विभाग को कोविड-19 से पीड़ित मरीजों का इलाज करने से इनकार करने वाले अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर देने चाहिए। 

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उन्होंने इस तरह की कार्रवाई को कायराना बताते हुए कहा कि ऐसे नाजुक समय में वह छिपकर नहीं बच सकते। मुख्यमंत्री ने सूबे में कोरोना के चलते कर्फ्यू और लॉकडाउन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई मीटिंग के दौरान फैसला किया गया कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज प्रबंधों में धीरे-धीरे विस्तार किया जाना चाहिए ताकि गेहूं की कटाई और खरीद, राज्य और देश में बढ़ रहे रुझान के साथ-साथ सामुदायिक फैलाव (स्टेज-3) की आशंकाओं और महामारी के कारण मरीजों की संख्या बढ़ने पर निपटा जा सके। 

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने कैबिनेट को बताया कि एक बार जब तेजी के साथ जांच करने वाली किटें और केंद्र सरकार के अंतिम दिशा-निर्देश आ गए तो राज्य में तेजी से जांच शुरू कर दी जाएगी ताकि पॉजिटिव मामलों की पहचान की जा सके। सभी प्रभावित स्थानों पर लक्षणों और गैर-लक्षणों के मामलों की तेजी से जांच की जाएगी जबकि गैर-प्रभावित स्थानों पर लक्षणों वाले मामलों की जांच भी इसी तरह ही की जाएगी। विभाग द्वारा प्रभावित स्थानों पर सामुदायिक जांच शुरू की जा चुकी है।

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पुलिस और सैनिटेशन वर्करों को 50 लाख का बीमा 

सरकार ने पुलिस मुलाजिमों और सैनिटेशन वर्करों के लिए 50-50 लाख रुपये के विशेष स्वास्थ्य बीमा कवर का एलान किया है। 
 
खरीद समिति को मेडिकल सामग्री खरीदने का अधिकार
कैबिनेट ने आपातकालीन कदम के तौर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन के नेतृत्व वाली खरीद समिति को कोविड-19 से निपटने के लिए साजो-सामान से संबंधित सभी खरीदारी के लिए अधिकृत किया है। समिति को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एक्ट -2005 के तहत आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार होगा। 

स्वास्थ्य विभाग 20 हजार मामलों से निपटने को तैयार
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि प्रत्येक सरकारी अस्पताल में 1000 पीपीई किट मुहैया करवाई जा रही हैं। इस रोग के फैलाव को रोकने के लिए 5000 बेडों की व्यवस्था की जा चुकी है, जिनमें से 2500 पहले से चल रहे हैं। हॉस्टलों समेत तमाम इमारतों को अपने कब्जे में लिया जा रहा है। राज्य 20 हजार मामलों से निपटने को तैयार है।

सरकारी विभागों को खर्च में कटौती के निर्देश
कोविड-19 संकट के कारण किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से पहल के आधार पर निपटने के लिए संसाधन जुटाने की जरूरत पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी सरकारी विभागों को खर्चों में कटौती करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के सभी विभागों को अगले कुछ हफ्तों के दौरान किए जाने वाले खर्चों में कटौती संबंधी विस्तृत प्रस्ताव आठ अप्रैल तक पेश करने को कहा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें लोगों को बचाना है जो कि हमारी पहल होनी चाहिए। मौजूदा गंभीर स्थिति में सीधे तौर पर शामिल स्वास्थ्य, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को संसाधन उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। कोई अतिरिक्त राजस्व न आने के कारण खर्चों में कटौती इकलौता रास्ता था।

उन्होंने कहा कि अति जरूरी देखभाल वाली सेवाओं के लिए राजस्व जुटाने के वास्ते सभी विभागों को खर्चों में कटौती करने की जरूरत है। इससे पहले वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कैबिनेट को बताया कि राज्य को अप्रैल में 5000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा और जीएसटी और पेट्रोलियम करों से राजस्व न आने की सूरत में यह संख्या आगे और भी बढ़ने की उम्मीद है।

गेहूं की खरीद के लिए व्यापक सुरक्षा योजना बनाएं 
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को गेहूं की खरीद निर्विघ्न करने के लिए व्यापक सुरक्षा योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही 7-8 अप्रैल तक खरीद केंद्रों पर प्रबंध मुकम्मल करने को कहा। साथ ही उन्होंने कोरोना से बचने के लिए चरणबद्ध कटाई का सुझाव भी दिया। रबी खरीद तैयारी की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि प्रबंधों को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाए ताकि फसल का एक-एक दाना खरीदा जा सक। 

उन्होंने कहा कि सभी खरीद केंद्रों को कोरोना से रोकथाम के उपाय के साथ-साथ भोजन, पानी, रहने के लिए जगह और डॉक्टरी जरूरतों का भी प्रबंध होना चाहिए। आढ़तियों को 48 घंटे के भीतर भुगतान कर दिया जाए ताकि वे अगले 48 घंटों में किसानों को भुगतान कर दें। प्रवक्ता ने बताया कि कटाई के लिए कंबाइनों को सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक काम करने की अनुमति दी जाएगी। 

भंडारण वाले स्थानों पर ढुलाई कार्यों के लिए अधिक से अधिक संख्या में मजदूरों को काम करने की इजाजत होगी। सरकार इस साल 3000 खरीद केंद्रों को आढ़तियों और शैलर मालिकों के साथ जोड़ने का काम कर रही है। इस प्रक्रिया में शामिल किसानों और अन्य को कूपन जारी किए जाएंगे। खरीद के लिए कुल 1820 केंद्र बनाए जाएंगे। 
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